Naypyidaw News: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई। गहराई अधिक होने के कारण फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
एनसीएस के अनुसार भूकंप के झटके भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 6:33 बजे महसूस हुए। इसका केंद्र जमीन से 130 किलोमीटर नीचे था। भौगोलिक दृष्टि से भूकंप का केंद्र 24.783 उत्तरी अक्षांश और 94.887 पूर्वी देशांतर पर स्थित था। पिछले महीने जुलाई में भी यहां 4.1 और 4.5 तीव्रता के झटके आए थे।
म्यांमार में बार-बार भूकंप आने की वजह
म्यांमार चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों इंडियन, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट के जंक्शन पर स्थित है। इन प्लेटों की निरंतर हलचल से यह क्षेत्र भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील है। म्यांमार से 1,400 किलोमीटर लंबी फॉल्ट लाइन गुजरती है, जो अंडमान स्प्रेडिंग सेंटर को उत्तर में ‘सगाइंग फॉल्ट’ से जोड़ती है।
सगाइंग फॉल्ट से घनी आबादी वाले शहरों को खतरा
सगाइंग फॉल्ट के कारण सगाइंग, मांडले, बागो और यांगून जैसे प्रमुख शहरों पर हमेशा भूकंप का खतरा बना रहता है। इन क्षेत्रों में देश की करीब 46 प्रतिशत आबादी रहती है। यांगून फॉल्ट लाइन से कुछ दूरी पर स्थित होने के बावजूद घनी आबादी के कारण तीव्र झटकों से अत्यधिक प्रभावित होने की आशंका रहती है।