Chandigarh News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब विधानसभा में केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस दौरे से लौटने के दौरान उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर दो घंटे तक रोके रखा गया और ₹50,000 का चालान भरने को कहा गया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और एनएसए के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर जांच और प्रशासनिक एजेंसियों के जरिए राजनीतिक प्रतिशोध लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पंजाब विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले केंद्र सरकार ने उन्हें फ्रांस दौरे की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उन्हें हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा। वहीं, फ्रांस से वापसी पर दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उनके साथ प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और उनके सामान की जांच के नाम पर करीब दो घंटे तक रोके रखा।
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद फ्रांस दौरा और एयरपोर्ट का घटनाक्रम
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि एक राज्य के मुखिया के तौर पर उन्हें निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न देशों से निमंत्रण मिलते हैं। उन्होंने कहा, “मैं जापान और कोरिया गया, जहां से मिले निवेश का स्तर सबके सामने है। मैं जर्मनी भी गया, जिसके बाद ‘क्लास’ जैसी कंपनियां अपने प्रोजेक्ट पंजाब लेकर आईं।”
उन्होंने आगे कहा, “फ्रांस में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फूड फेयर आयोजित हो रहा था, जिसमें वैश्विक ब्रांड्स हिस्सा ले रहे थे। मार्कफेड के ‘सोहना’ ब्रांड ने भी वहां अपना स्टॉल लगाया था और भारत के करीब 150 स्टॉल मौजूद थे। दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी मुझे आमंत्रित किया था, इसलिए मैं वहां गया।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र से अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां अदालत ने प्रोटोकॉल प्रदान करने का निर्देश दिया था। मान ने आरोप लगाया, “जब मैं वापस लौट रहा था, तो मुझे दिल्ली एयरपोर्ट पर दो घंटे बैठने के लिए कहा गया। मैंने उनसे प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा, क्योंकि सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का स्वागत प्रोटोकॉल के तहत होता है। अधिकारियों ने मुझसे सामान की जांच कराने को कहा, जिस पर मैंने जांच करवाई। सामान में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, फिर भी दो घंटे तक मुझे रोके रखा गया।”
मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि अधिकारियों ने उन पर वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव की बात कही और उनसे ₹50,000 का मनमाना चालान भरने को कहा। मान ने कहा, “दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम्स के प्रमुख सीईसी ज्ञानेश कुमार के भाई हैं। ये लोग इसी तरह बदले की भावना से किसी को भी निशाना बनाते हैं।”
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एनएसए के प्रयोग पर सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण में चुनाव आयोग में शक्तियों के कथित केंद्रीकरण पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पास ही फैसले लेने की शक्तियां केंद्रित हैं और अहम निर्णयों में अन्य चुनाव आयुक्तों से आवश्यक सलाह नहीं ली जाती।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बावजूद एक छात्रा पर मनमाने ढंग से एनएसए लगाया गया, जिस पर प्रयागराज हाई कोर्ट (इलाहाबाद हाई कोर्ट) ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी। मान ने आरोप लगाया कि सीएए/एनआरसी या अन्य शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में अदालती निर्देशों की अनदेखी कर बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।