अयोध्या से जनकपुरधाम तक सीधी ट्रेन सेवा की तैयारी, 17 कोच वाली ट्रेन का सफल ट्रायल रन पूरा

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Ayodhya News: भारत और नेपाल के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अयोध्या धाम से जनकपुरधाम के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच 464 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग पर 17 कोच वाली ट्रेन का सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया गया है।

भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या और माता सीता की जन्मस्थली नेपाल के जनकपुरधाम के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करने की परियोजना पर काम तेज गति से चल रहा है। दोनों देशों के बीच इस सीमा पार (क्रॉस-बॉर्डर) रेल कनेक्टिविटी के तहत 17 कोच वाली पैसेंजर ट्रेन का सफल ट्रायल रन संपन्न हो चुका है। इस परियोजना के शुरू होने से दोनों देशों के लाखों श्रद्धालुओं के लिए रामायण सर्किट से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा अधिक सुगम और समय की बचत करने वाली हो जाएगी।

काठमांडू में आयोजित द्विपक्षीय बैठकों के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल दौरे के दौरान इस सफल ट्रायल रन और आगे की रूपरेखा पर उच्चस्तरीय चर्चा की। यह परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगी।

464 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग और प्रशासनिक प्रक्रियाएं

अयोध्या धाम (उत्तर प्रदेश) से जनकपुरधाम (नेपाल) को जोड़ने वाले इस सीधे रेल मार्ग की कुल लंबाई लगभग 464 किलोमीटर है। हाल ही में काठमांडू में 10वीं प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी और 8वीं जॉइंट वर्किंग ग्रुप की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में रूट पर नियमित यात्री ट्रेनें संचालित करने के लिए आवश्यक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और सीमा पर आव्रजन (इमिग्रेशन) प्रक्रियाओं के प्रारूप को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई।

नियमित ट्रेन सेवा शुरू करने से पहले दोनों देशों के संबंधित विभागों द्वारा प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, औपचारिक मंजूरियां मिलते ही इस मार्ग पर नियमित यात्री सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।

भारत-नेपाल के बीच अन्य प्रमुख रेल परियोजनाएं

अयोध्या-जनकपुर रेल लिंक के अलावा भारत के सहयोग से नेपाल में कई अन्य रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। इनमें जयनगर-बिजलपुरा-बरदीबास और जोगबनी-विराटनगर रेल लाइन प्रमुख हैं। इसके साथ ही सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रक्सौल-काठमांडू ब्रॉडगेज रेल संपर्क के फाइनल लोकेशन सर्वे और ईस्ट-वेस्ट रेलवे लिंक के कार्यों को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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