Washington News: ब्रह्मांड के रहस्यों और सबसे शक्तिशाली विस्फोटों का अध्ययन करने वाला अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का 22 साल पुराना ‘स्विफ्ट’ स्पेस टेलीस्कोप पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद जलकर नष्ट हो गया है। इंडोनेशिया के ऊपर वायुमंडल में दाखिल होते ही यह पूरी तरह भस्म हो गया, जिसके साथ ही नासा का दो दशक से अधिक लंबा ऐतिहासिक मिशन समाप्त हो गया।
अमेरिकी स्पेस फोर्स की पुष्टि के अनुसार, ‘नील गेहरेल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी’ ने भारतीय समयानुसार बुधवार शाम 6:09 बजे इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के ऊपर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। प्रवेश के दौरान 1,452 किलोग्राम वजनी इस टेलीस्कोप की गति ध्वनि की रफ्तार से लगभग 22 गुना अधिक थी। अत्यधिक घर्षण और भीषण गर्मी के कारण इसका अधिकांश हिस्सा आकाश में ही जल गया और जमीन पर किसी भी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
जुलाई में बचाव मिशन हुआ था विफल
नासा ने ‘स्विफ्ट’ के सेवाकाल को बढ़ाने और इसे सुरक्षित रखने के लिए एरिजोना के स्टार्टअप ‘कैटलिस्ट’ के साथ मिलकर जुलाई में एक रेस्क्यू मिशन शुरू किया था। योजना के तहत ‘लिंक’ (LINK) नामक अंतरिक्ष यान को टेलीस्कोप से जोड़कर उसे ऊंची कक्षा में स्थापित करना था। हालांकि, अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद ‘लिंक’ अनियंत्रित होकर घूमने लगा, जिसके चलते वैज्ञानिकों को इस बचाव अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा। इसके बाद टेलीस्कोप की कक्षा लगातार अस्थिर होती गई और 20 अक्टूबर को इसने काम करना बंद कर दिया था।
2 साल का था मिशन, 22 वर्षों तक की अभूतपूर्व खोजें
साल 2004 में प्रक्षेपित किया गया स्विफ्ट टेलीस्कोप मूल रूप से केवल 2 साल के मिशन के लिए तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रह्मांड में होने वाले सबसे तीव्र और रहस्यमयी ‘गामा-रे बर्स्ट’ (GRB) का अध्ययन करना था।
अपनी निर्धारित समयावधि से दस गुना अधिक यानी 22 वर्षों तक सक्रिय रहकर इसने सुपरनोवा, ब्लैक होल, एक्स-रे फ्लेयर्स, क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए। इस टेलीस्कोप के डेटा के आधार पर दुनिया भर के वैज्ञानिकों द्वारा लगभग 7,000 शोध पत्र तैयार किए गए, जिन्होंने आधुनिक खगोल विज्ञान को नई दिशा दी।