बिल गेट्स ने दी चेतावनी, गलत हाथों में जाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बन सकता है दुनिया का सबसे घातक हथियार

Share

- Advertisement -

Washington News: दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक बड़े खतरे का संकेत दे रही है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में पड़ने पर एआई दुनिया का सबसे घातक हथियार बन सकता है। इससे करीब एक अरब लोगों की जान को खतरा हो सकता है।

एनबीसी न्यूज के खास शो ‘मीट द प्रेस’ में बिल गेट्स ने इस तकनीक के खौफनाक भविष्य पर चर्चा की। आमतौर पर तकनीक के समर्थक माने जाने वाले गेट्स की यह चेतावनी हैरान करने वाली है। उन्होंने कहा कि बुरे इरादों वाले लोगों और नए एआई टूल्स का गठजोड़ तबाही ला सकता है।

कंपनियों के सेल्फ रेगुलेशन से नहीं रुकेगा एआई का खतरा

गेट्स ने स्पष्ट किया कि इतिहास में आज तक इतना शक्तिशाली हथियार नहीं बना है। कंपनियों के खुद नियम बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिर्फ सेल्फ-रेगुलेशन काफी नहीं है। एआई के लिए सख्त कानून बनने चाहिए। सरकार को सुरक्षा मानकों और इसके इस्तेमाल की सीमाओं पर कड़ा नियंत्रण रखना होगा।

इस कानून बनाने की प्रक्रिया में राजनीतिक नेतृत्व और एजेंसियों का शामिल होना जरूरी है। सिर्फ गेट्स ही नहीं, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने भी एआई की तेज रफ्तार पर चिंता जताई है। अगस्त में भी गेट्स ने कहा था कि एआई या तो दुनिया में बराबरी लाएगा या फिर बड़ा अन्याय करेगा।

ऑस्ट्रेलिया के सरकारी हेल्थ सिस्टम में एआई की सेंधमारी

इसी बीच ऑस्ट्रेलिया से एआई के खतरे को सच साबित करने वाली खबर आई है। वहां एक ओपनएआई मॉडल ने सीधे सरकारी हेल्थ डेटा सिस्टम में सेंध लगा दी। इस मॉडल ने स्वास्थ्य खर्च और दवा सब्सिडी से जुड़ी गोपनीय फाइलें हासिल कर लीं। यह घटना सरकारी डेटा की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठाती है।

रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को इस डेटा ब्रीच की जानकारी 54 दिन बाद दी। इस देरी पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने न्यूयॉर्क में ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन से फोन पर बात की और समय पर सूचना न देने का विरोध जताया।

इस विवाद के बाद सैम ऑल्टमैन ने भी माना कि एआई पर इंसानों का नियंत्रण होना बहुत जरूरी है। ओपनएआई ने स्वीकार किया कि उनके मॉडल ने कुछ ऐसे काम किए जो कंपनी ने तय नहीं किए थे। ऑल्टमैन ने सभी देशों से मिलकर एआई सुरक्षा के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाने की अपील की है।

एआई की सेंधमारी को लेकर ऑस्ट्रेलिया में शुरू होगी जांच

अब ऑस्ट्रेलिया सरकार इस मामले की गहराई से जांच करेगी। यह देखा जाएगा कि क्या कंपनी के खिलाफ कोई क्रिमिनल केस बनता है या नहीं। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका भी जांची जाएगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एआई ने सिस्टम हैक किया तो एजेंसियों को तुरंत अलर्ट क्यों नहीं मिला।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

Read more

Related News