Lucknow News: केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले राहत दे सकती है। महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित मानी जा रही है, जिससे राज्य के करीब 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की वृद्धि किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मियों में भी भत्ते में बढ़ोतरी की आस बढ़ गई है। राज्य सरकार दिवाली पर्व से पहले डीए और डीआर में तीन प्रतिशत वृद्धि की घोषणा कर सकती है। यदि यह फैसला लागू होता है, तो प्रदेश के लगभग 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा, जिनमें 16.35 लाख नियमित व अन्य कर्मचारी तथा 11.53 लाख पेंशनर्स शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पूर्व मई 2026 में कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए और डीआर में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद यह दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई थी। अब तीन प्रतिशत की नई वृद्धि के बाद यह दर बढ़कर 63 प्रतिशत होने की संभावना है। हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने पर मिलेगा एरियर
केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार भी इस बढ़ोतरी को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी कर सकती है। ऐसा होने की स्थिति में कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई माह से बढ़ी हुई दरों के आधार पर बकाया राशि (एरियर) का भुगतान भी किया जा सकता है। हालांकि, नई दरों के लागू होने की वास्तविक तिथि और एरियर के भुगतान का स्वरूप शासनादेश जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।
इस संभावित वृद्धि का लाभ नियमित राज्य कर्मचारियों के अतिरिक्त सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और यूजीसी वेतनमान के तहत आने वाले पात्र कार्मिकों को भी प्राप्त होगा। साथ ही राज्य के पात्र पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत का फायदा मिलेगा।
वेतन और पेंशन पर कितना पड़ेगा प्रभाव
तीन प्रतिशत डीए बढ़ोतरी से कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के अनुपात में मासिक वित्तीय लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो तीन प्रतिशत की वृद्धि से उसे प्रतिमाह 900 रुपये अतिरिक्त प्राप्त होंगे। वहीं 50,000 रुपये बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी के वेतन में हर महीने 1,500 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसी अनुपात में पेंशनभोगियों को भी उनकी पात्र मूल पेंशन के आधार पर अतिरिक्त महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।