Itanagar News: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के 60 किलोमीटर भीतर तक घुसपैठ करने से जुड़ी खबरों का कड़ा खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा का स्पष्ट निर्धारण न होने के कारण भ्रम पैदा होता है, लेकिन किसी भी भारतीय गांव पर कब्जा नहीं हुआ है।
सीमांकन के अभाव में दोनों पक्षों के दावे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों की चिंताएं स्वाभाविक हैं, क्योंकि जमीन का आधिकारिक सीमांकन अब तक नहीं हुआ है। इस स्थिति के चलते दोनों तरफ के लोग सीमाओं को लेकर अलग-अलग दावे करते हैं। इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक तस्वीरें और गलत वीडियो शेयर करने वालों को चेतावनी दी। रिजिजू ने कहा कि बाहरी स्थानों की तस्वीरों के जरिए घुसपैठ का झूठा दावा करने से सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों का मनोबल प्रभावित होता है और देश में अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
सेना और आईटीबीपी की गश्त तेज, आधिकारिक नामों को मंजूरी
सुरक्षा स्थिति पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ा दी है। सीमा की निगरानी पूरी तरह चाक-चौबंद है और सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम पहले से काफी मजबूत किए गए हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के 27 प्रमुख स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को ‘सर्वे ऑफ इंडिया’ के आधिकारिक मानचित्रों पर उनके मानक नामों के साथ औपचारिक रूप से मान्यता दी है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक पहचान को अधिक स्पष्टता मिली है।