Gurugram News: उत्तर भारत का फूल कारोबार अब केवल दिल्ली की गाजीपुर मंडी तक सीमित नहीं रहेगा। हरियाणा सरकार गुरुग्राम में करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला अत्याधुनिक फ्लावर ट्रेड हब बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद योजना पर काम तेज हो गया है। इस आधुनिक सेंटर में फूलों के उत्पादन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और एक्सपोर्ट की पूरी सुविधा एक ही जगह मिलेगी।
दिल्ली की गाजीपुर मंडी पर घटेगी निर्भरता
अब तक हरियाणा और आसपास के फूल उत्पादकों को बड़े पैमाने पर व्यापार के लिए दिल्ली की गाजीपुर मंडी पर निर्भर रहना पड़ता था। दूर जाने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ता था और नाजुक फूलों की क्वालिटी खराब होने का खतरा हमेशा बना रहता था।
गुरुग्राम में नया ट्रेड हब शुरू होने से व्यापारियों का समय और पैसा दोनों बचेगा। बोटैनिकल गार्डन के पास छह एकड़ जमीन पर बनने वाले इस हब में आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, लोडिंग-अनलोडिंग जोन, पार्किंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
किसानों की आय में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी
गुरुग्राम की लोकेशन इस प्रोजेक्ट को बड़ी ताकत देती है। दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के बाजारों के साथ इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नजदीकी से देश-विदेश में फूलों की सप्लाई आसान होगी। इससे किसानों को उनके उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी।
नई व्यवस्था से होटल इंडस्ट्री, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और एक्सपोर्टर्स को एक संगठित प्लेटफॉर्म मिलेगा। 2025-26 के राज्य बजट में इस योजना की घोषणा हुई थी, जिसे अब हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और बागवानी विभाग मिलकर पूरा करेंगे।
फ्लोरीकल्चर क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इसे पारंपरिक मंडी नहीं, बल्कि आधुनिक एकीकृत बिजनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां खरीद-बिक्री से लेकर लॉजिस्टिक्स तक की सभी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेंटर केवल एक मंडी नहीं होगा, बल्कि उत्तर भारत के फ्लोरीकल्चर क्षेत्र के लिए आधुनिक कारोबारी माहौल तैयार करेगा। इससे क्षेत्र में नए निवेश, रोजगार और निर्यात को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।