Delhi News: साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। खगोलीय और ज्योतिषीय नजरिए से यह काफी महत्वपूर्ण घटना है। हालांकि भारतीय ज्योतिषियों ने साफ किया है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह रात के समय घटित होगा।
भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर देर रात 1:27 बजे तक रहेगा। रात का समय होने के कारण यह देश के किसी भी हिस्से में नजर नहीं आएगा। इसलिए भारत में सूतक काल के नियम पूरी तरह से निष्प्रभावी रहेंगे और किसी भी धार्मिक कार्य पर रोक नहीं होगी।
ग्रहण के दौरान देश में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहेंगी। सभी मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और पूजा-पाठ तथा खान-पान की दिनचर्या पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आमतौर पर सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले लगने वाला सूतक काल इस बार भारत में मान्य नहीं माना जाएगा।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। इसके अलावा यूरोप के ज्यादातर देशों, उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों और अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में नजर आएगा।