Patna News: बिहार के लघु जल संसाधन विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का शिकंजा कस गया है। ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उनके छह ठिकानों पर छापेमारी की है।
मात्र 12 साल की सरकारी सेवा में अभियंता ने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति खड़ी कर ली। जांच के दौरान पटना के दानापुर में दो आलीशान फ्लैट, 9 लाख नकद, 75 लाख का सोना और 21 बैंक खातों में जमा राशि मिली है।
अभियंता की ससुराल में 12 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
ईओयू की आठ सदस्यीय टीम ने मुजफ्फरपुर स्थित अभियंता की ससुराल में करीब 12 घंटे तक गहन तलाशी ली। वहां बंद पड़े फ्लैट की चाबियां मंगवाकर अलमारियों के ताले तोड़े गए, जहां से नकदी और गहने बरामद किए गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ससुर की मृत्यु के बाद अभियंता ने ही इस बहुमंजिला इमारत का निर्माण करवाया था। अधिकारियों ने बरामद सोने-चांदी का मूल्यांकन कराने के लिए स्थानीय जौहरी की मदद ली और जब्ती सूची तैयार की।
मुजफ्फरपुर में भी रह चुके हैं पदस्थापित, सुरक्षा बल रहा तैनात
अभियंता अरविंद कुमार चौधरी वर्ष 2018 से 2021 के बीच मुजफ्फरपुर में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत रहे हैं। मूल रूप से बांका के निवासी अरविंद पर ज्ञात आय स्रोतों से करीब 1.20 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति का आरोप है।
छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा। ईओयू की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और वित्तीय दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है।