Patna News: बिहार में यातायात व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) से नीचे रैंक के पुलिस अधिकारी सड़कों पर वाहनों की जांच नहीं कर सकेंगे। एएसआई और सिपाहियों का काम केवल ट्रैफिक को सुचारू रखना होगा।
बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखना अनिवार्य
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार के मुताबिक सामान्य तौर पर वाहन रोकने और जांच का अधिकार केवल एसआई या उससे ऊपर के अधिकारियों को होगा। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के लिए बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखना अनिवार्य किया गया है। कार्यस्थल पर मोबाइल इस्तेमाल करने पर सख्त मनाही रहेगी और दस्ता इसकी औचक जांच करेगा।
पटना में 40 हजार ऑटो और ई-रिक्शा का बदलेगा रूट
राजधानी पटना में वर्तमान में 40 हजार से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा चल रहे हैं। नेहरू पथ पर व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगने के बाद यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। लगभग 40 फीसदी वाहनों का रूट डायवर्जन किया जाएगा, ताकि प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या से मुक्ति मिल सके।
नेहरू पथ बंद होने पर इन 9 वैकल्पिक रास्तों का करें इस्तेमाल
नेहरू पथ पर व्यावसायिक वाहनों की रोक के बाद नौ वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। इनमें हार्डिंग रोड, वीरचंद पटेल पथ, पीर अली पथ, एयरपोर्ट-शेखपुरा रोड, जगदेव पथ, दीघा-आशियाना रोड, रूपसपुर नहर रोड, दीघा-राजापुर पुल मार्ग और आयकर गोलंबर से मंदिरी रोड शामिल हैं। इन रास्तों से ही व्यावसायिक वाहन गुजरेंगे।