New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज की तैयारी के दौरान ‘टेंपल’ नाम के नए ब्रेन-ट्रैकिंग गैजेट के साथ अभ्यास करते नजर आए। बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु के बाद खेल जगत में इसका इस्तेमाल करने वाले वह प्रमुख एथलीट बन गए हैं। यह डिवाइस खिलाड़ियों के मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन स्तर की रियल-टाइम निगरानी करता है।
क्रिकेट में आधुनिक तकनीकों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हॉकआई, स्नीकोमीटर और थर्ड अंपायर के बाद अब खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन और फिटनेस सुधार के लिए नए तकनीकी उपकरण सामने आ रहे हैं। न्यूजीलैंड दौरे पर अभ्यास सत्र के दौरान शुभमन गिल को कनपटी पर एक छोटा डिवाइस लगाए देखा गया, जिसे ‘टेंपल’ कहा जाता है। कोर्ट पर बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बाद अब यह क्रिकेट के मैदान पर भी चर्चा का विषय बन गया है। इस गैजेट को जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल द्वारा विकसित किया गया है।
क्या है टेंपल गैजेट और कैसे करता है काम
टेंपल एक छोटा और पहनने योग्य (वेरेबल) डिवाइस है, जिसे खिलाड़ी अपनी कनपटी पर लगाते हैं। यह नियर-इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक के आधार पर मस्तिष्क में ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह का सटीक और रियल-टाइम डेटा प्रदान करता है।
दीपिंदर गोयल के अनुसार, यह डिवाइस 1 से 250 तक का लाइव स्कोर दिखाता है, जहां 1 का अर्थ शांत या विश्राम की स्थिति है और 250 किसी शीर्ष खिलाड़ी का चरम फोकस (पीक फ्लो) दर्शाता है। वर्तमान में यह गैजेट प्रायोगिक चरण में है और इसे चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित या व्यावसायिक रूप से आम जनता के लिए पूरी तरह जारी नहीं किया गया है। भारतीय बाजार में इसकी संभावित कीमत 72,000 से 80,000 रुपये के बीच आंकी गई है, और साल 2026 के अंत तक इसके शिपिंग शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।
भारतीय टीम में पहले से हो रहा जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस का इस्तेमाल
भारतीय क्रिकेटर पहले से ही अपनी फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन के लिए जीपीएस परफॉर्मेंस ट्रैकर का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। मैचों और ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों की जर्सी के अंदर पीठ पर दिखने वाला उभार एक खास जीपीएस ट्रैकर होता है, जिसे विशेष कम्प्रेशन स्पोर्ट्स वेस्ट के पिछले हिस्से में पहना जाता है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों के फिटनेस अपडेट, दौड़ने की गति और वर्कलोड पर नजर रखने के लिए ‘STATSports’ और ‘Catapult’ जैसी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी कंपनियों से करार किया हुआ है। तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी20) और आईपीएल के व्यस्त कार्यक्रम के बीच खिलाड़ियों को चोट से बचाने और उनकी शारीरिक क्षमता बनाए रखने के लिए यह जीपीएस तकनीक भारतीय टीम के सेटअप का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।