Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा की अंतरराष्ट्रीय धाविका सीमा कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय एथलीट अमन कुमार के साथ सगाई कर ली है। सरोल स्थित एक निजी होटल में आयोजित इस समारोह में दोनों के परिजन मौजूद रहे। 10 साल के रिश्ते के बाद सगाई करने वाला यह जोड़ा साल 2028 के ओलंपिक खेलों के बाद विवाह सूत्र में बंधेगा।
चंबा के चुराह की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय एथलीट और एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता सीमा कुमारी ने जीवन की नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने 19 अक्टूबर को मंडी जिले के एथलीट अमन कुमार के साथ सगाई की रस्में पूरी कीं। चंबा के सरोल स्थित एक निजी होटल में पारिवारिक माहौल में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। सीमा ने खुद सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें साझा कर प्रशंसकों को इसकी जानकारी दी और इसे जीवन का एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
कौन हैं सीमा के मंगेतर अमन कुमार?
सीमा के मंगेतर अमन कुमार मंडी जिले के सुंदरनगर (बल्ह विधानसभा क्षेत्र) स्थित नागचला के रहने वाले हैं। अमन खुद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट रह चुके हैं। वर्तमान में वह धर्मशाला स्थित राज्य फोरेंसिक विभाग में सहायक वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में बैजनाथ में सेवाएं दे रहे हैं। अमन और सीमा की पहली मुलाकात करीब 10 साल पहले धर्मशाला में एक खेल प्रतियोगिता के दौरान हुई थी, जिसके बाद से दोनों एक-दूसरे के संपर्क में थे।
2028 ओलंपिक के बाद सात फेरे लेगा यह खिलाड़ी जोड़ा
सगाई के बाद दोनों परिवारों की सहमति से तय हुआ है कि दोनों खिलाड़ी साल 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के बाद ही शादी करेंगे। फिलहाल दोनों का पूरा ध्यान खेल और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर है। सीमा के करियर में मार्गदर्शक रहे संजीव सूरी और स्थानीय विधायक नीरज नैयर सहित कई खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। प्रशंसकों ने उन्हें नए सफर की शुभकामनाएं देते हुए आगामी ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद जताई।
संघर्षों से तराशा करियर, 16 साल बाद भारत को दिलाया था पदक
चंबा के दूरदराज रेटा गांव की रहने वाली सीमा का जीवन कड़े संघर्षों से भरा रहा है। करीब 14 साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद मां ने ही छह भाई-बहनों का पालन-पोषण किया। सातवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान सीमा बेहतर प्रशिक्षण के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के धर्मशाला हॉस्टल चली गईं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी लगन से पहचान बनाई और 2018 में खेलो इंडिया योजना से जुड़ीं।
जापान में आयोजित एशियन गेम्स में सीमा ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में 32:50.05 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता था। इसके साथ ही उन्होंने इस स्पर्धा में भारत का 16 साल का पदक का सूखा खत्म किया था। सीमा चार बार की राष्ट्रीय चैंपियन और एशियन यूथ ओलंपिक की रजत पदक विजेता रही हैं। उन्होंने 2024 में हांगकांग में आयोजित 17वीं एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। 10,000 मीटर में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 32:02.43 सेकंड दर्ज है।
