Chamba News: हिमाचल प्रदेश के सलूणी में मिड-डे मील वर्कर यूनियन की ब्लॉक स्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग की नई अधिसूचना के खिलाफ भारी रोष देखने को मिला। वर्करों ने मांग उठाई कि 10 महीने के वेतन को 12 महीनों में बांटने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए, वरना पूरे प्रदेश में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष संदेश कुमारी ने की, जिसमें सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र और यूनियन जिला अध्यक्ष विपिन विशेष रूप से मौजूद रहे। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कम मानदेय में काम कर रही वर्करों के हित में सरकार कोई बड़ा कदम नहीं उठा रही है।
नई अधिसूचना का विरोध और आंदोलन की बड़ी चेतावनी
यूनियन ने शिक्षा विभाग द्वारा 10 माह के मानदेय को 12 महीनों में बांटने की अधिसूचना को तुरंत रद्द करने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि इस फैसले से वर्करों की हर महीने मिलने वाली राशि और कम हो जाएगी। इसलिए 10 महीने का पूरा वेतन संबंधित समय पर ही दिया जाना चाहिए।
अपनी मांगों को लेकर वर्करों ने 30 अक्तूबर को पूरे हिमाचल प्रदेश में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके अलावा 1 और 2 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले मजदूरों के महापड़ाव में भी हजारों वर्कर हिस्सा लेंगे। इस दौरान ब्लॉक सचिव जगदीश समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
