Birbhum News: तारापीठ में 10 सितंबर को कौशिकी अमावस्या के अवसर पर जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन योजना तैयार की है। पिछले महीने एक होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत की घटना के बाद मंदिर नगरी में पहली बार इतना बड़ा जमावड़ा हो रहा है।
आग की दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन ने 200 दमकल कर्मियों के साथ आठ अत्याधुनिक रोबोट फायर टेंडर तैनात किए हैं। ये रोबोट हाई-कैपेसिटी वाले पंपों से लैस हैं और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से बचाव कार्य करने में पूरी तरह सक्षम हैं। इसके साथ ही 25 सदस्यों वाली ‘अर्जुन वाहिनी’ आपदा टीम मुस्तैद रहेगी।
होटलों में सुरक्षा जांच और घाटों पर बैरिकेडिंग
स्थानीय होटलों में फायर सेफ्टी की गहन जांच और मॉक ड्रिल को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। पवित्र नदी के घाटों पर सुरक्षा जाल लगाकर पुख्ता बैरिकेडिंग की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 12 सितंबर तक विशेष बचाव नावें और राहत वाहन लगातार पानी और जमीनी इलाकों में तैनात रहेंगे।
निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और स्पेशल ट्रेनें
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु 4,000 पुलिस बल के जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा 27 सहायता बूथ, 400 सीसीटीवी कैमरे, 11 वॉच टॉवर, ड्रोन कैमरे और फेस रिकग्निशन तकनीकी प्रणाली लगाई गई है। भारतीय रेलवे ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए हावड़ा-रामपुरहाट स्पेशल ट्रेन चलाने और कई नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने का फैसला किया है।