Shimla News: राष्ट्रीय वॉलीबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष और हिमाचल के पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर कांग्रेस के रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देशहित और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर बार-बार अनावश्यक विवाद खड़ा करती है। पार्टी को तुष्टीकरण छोड़कर राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
वीरेंद्र कंवर ने शनिवार को दिए बयान में कहा कि साल 2026 में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे हो रहे हैं। पूरा देश इसे आजादी के आंदोलन और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में मना रहा है। केंद्र सरकार ने इस अवसर पर देश भर में कई बड़े प्रोग्राम आयोजित करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक मौके पर कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम् के पूर्ण गायन पर एतराज जताना गलत है। कांग्रेस कार्यसमिति ने 19 अगस्त को पार्टी कार्यक्रमों में केवल शुरुआती दो अंतरे गाने की पुरानी व्यवस्था दोहराई। राष्ट्रगीत के साथ ऐसा व्यवहार देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला फैसला है।
भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन के पहले दिन भी वंदे मातरम् पर विवाद खड़ा हुआ। इसके चलते सदन का महत्वपूर्ण कामकाज बाधित हुआ। विधानसभा लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है। वहां ऐसे संवेदनशील राष्ट्रीय विषयों पर टकराव पैदा करने के बजाय सभी दलों को मिलकर सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
कंवर ने कहा कि वंदे मातरम् किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि पूरे देश की एकता का प्रतीक है। देश की जागरूक जनता कांग्रेस की इस राजनीति को अच्छी तरह समझ रही है। राष्ट्रीय सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। जनता समय आने पर अपने वोट की ताकत से इस नकारात्मक सोच का कड़ा जवाब देगी।