New Delhi News: केंद्र सरकार सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या को शून्य पर लाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अत्यधिक दुर्घटनाओं वाले 100 जिलों को चिन्हित कर वहां तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू किए जा रहे हैं.
सरकार ने वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को आधा करने का लक्ष्य तय किया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में देश भर में सड़क हादसों में 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कुल दुर्घटनाएं 5.13 लाख से अधिक हो गईं, जिनमें 1,83,382 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इसका अर्थ है कि देश में हर घंटे औसतन 21 लोगों की मौत हुई और 59 दुर्घटनाएं हुईं.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस ने कुल 2,85,770 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की हैं. आंकड़ों का विश्लेषण दिखाता है कि वर्ष 2025 में सबसे अधिक दुर्घटनाएं और मौतें दोपहिया वाहनों से जुड़ी पाई गईं. इसके बाद कार और अन्य वाहन रहे.
गडकरी ने स्पष्ट किया कि यदि दोपहिया वाहन चालक नियमित रूप से हेलमेट पहनना सुनिश्चित करें तो मौतों और गंभीर चोटों में भारी कमी आ सकती है. हादसों में हुई कुल मौतों में दोपहिया चालकों का हिस्सा 46.2 प्रतिशत रहा, जबकि पैदल चलने वाले यात्रियों की हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत दर्ज की गई.
भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने प्रभार संभाला था, तब वाहन उद्योग का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था. अब यह बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. यह सेक्टर 4.50 करोड़ लोगों को रोजगार देने के साथ जीएसटी संग्रह में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है.