Mumbai News: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी मीडिया पर दबाव बना रही है। साथ ही जनता का ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण की रणनीति अपनाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।
यह राजनीतिक विवाद 29 मिनट के उस ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद बढ़ा, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये देने की कथित बात कही गई है। राज ठाकरे ने कहा कि इस बातचीत में लोकतंत्र की हत्या साफ नजर आती है और पूरे मामले की गहरी जांच होनी चाहिए।
वायरल रिकॉर्डिंग और 500 करोड़ के दावे पर मचा सियासी घमासान
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर बीजेपी पदाधिकारी, संघ के वरिष्ठ सदस्य और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हैं। वे राजनीतिक रणनीतियों, मीडिया प्रबंधन और ध्रुवीकरण पर चर्चा कर रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि 500 करोड़ के भुगतान के दावे पर स्पष्टीकरण आना चाहिए।
मनसे प्रमुख ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा फॉरेंसिक जांच के आदेश पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देकर समय निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सिर्फ क्लिप की सत्यता ही नहीं, बल्कि उसमें हुई पूरी बातचीत की भी निष्पक्ष जांच हो।
मनोज जरांगे ने लगाए आरोप, बीजेपी ने एआई क्लिप होने का जताया अंदेशा
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मराठा नेता मनोज जरांगे ने रिकॉर्डिंग का एक हिस्सा जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आंदोलन को कुचलने के लिए साजिश रची गई। ऑडियो में एक महिला दावा करती सुनाई देती है कि सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे।
दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं ने इस क्लिप की टाइमिंग और प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी आईटी मंत्री आशीष शेलार ने जांच की मांग की कि यह क्लिप जरांगे तक कैसे पहुंची। वहीं पार्टी प्रवक्ता नवनाथ बन ने आशंका जताई कि यह ऑडियो एआई की मदद से तैयार की गई फर्जी रिकॉर्डिंग भी हो सकती है।