Delhi News: संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने शुक्रवार को जोरदार हंगामा किया। दिल्ली पुलिस द्वारा नीट परीक्षार्थियों पर जंतर-मंतर पर की गई कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष शाह से जवाब मांग रहा है। इस गतिरोध के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही वीकेंड तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
संसदीय सत्र के दौरान विपक्षी सांसद लगातार “अमित शाह सदन में आओ” के नारे लगा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर नीट छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का प्रयोग किया था। इस पूरे विवाद और आरोपों पर गृह मंत्री अमित शाह ने अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सदन में गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग पर अड़े विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को भी दोनों सदनों में स्थिति नहीं बदली और भारी शोर-शराबे के चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि गृह मंत्री नियमित रूप से संसद आ रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को डीएमके सांसद पी. विल्सन के नेतृत्व में आए ईसाई नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान उन्होंने एफसीआरए विधेयक को लेकर प्रतिनिधियों की चिंताओं को ध्यान से सुना। हालांकि विपक्षी दल संसद के भीतर गृह मंत्री के व्यक्तिगत बयान और उपस्थिति पर अड़े हुए हैं।
शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बचाव किया। उन्होंने विपक्षी सांसदों से कहा कि वे किसी मंत्री का दैनिक शेड्यूल तय नहीं कर सकते हैं और न ही इस तरह जवाब मांग सकते हैं। रिजिजू ने कहा कि शाह प्रतिदिन संसद परिसर में उपस्थित रहते हैं और देर रात तक अपने काम में जुटे रहते हैं।
रिजिजू ने विपक्षी सांसदों के इस प्रदर्शन को ड्रामा करार देते हुए इसे तुरंत बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सदन की कार्यवाही में बाधा डालना बंद करना चाहिए। शुक्रवार सुबह जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्षी सांसदों ने शाह को बुलाने की मांग को लेकर फिर से नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन का संचालन बाधित हुआ।
ऐसी ही स्थिति लोकसभा में भी देखने को मिली, जहां विपक्षी सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे। दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बाद रिजिजू और अमित शाह के बीच संसद परिसर में ही महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस दौरान संसद भवन के बाहर भी अमित शाह की सदन में पेशी की मांग को लेकर नारेबाजी का दौर लगातार जारी रहा।
प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में सवाल उठाया कि गृह मंत्री संसद से दूर क्यों रह रहे हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि हमने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में निर्देश देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि जब संसद सत्र के केवल चार दिन बचे हैं, तो गृह मंत्री का सदन से दूर रहना समझ से परे है।
इससे पहले गुरुवार को राज्यसभा के सभापति और उपसभापति ने भी सरकार को इस अनुरोध पर विचार करने का सुझाव दिया था। राज्यसभा के सभापति ने किरेन रिजिजू से कहा था कि वे संसदीय कार्य मंत्री के रूप में विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुंचाएं और उन्हें सदन में उपस्थित होने के अनुरोध पर विचार करने की सलाह दें।