Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के दौरान करीब 750 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। सत्र में होने वाले धरना-प्रदर्शनों पर ड्रोन कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
हिमाचल की चौदहवीं विधानसभा का 12वां मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू हो रहा है। सत्र को लेकर शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने आंतरिक और बाहरी सुरक्षा मजबूत रखने के निर्देश दिए।
डीजीपी अशोक तिवारी, उपायुक्त अनुपम कश्यप और एसपी गौरव सिंह बैठक में शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 750 जवानों के साथ चाक-चौबंद सुरक्षा रहेगी। विधायकों को किसी भी असुविधा से बचाने के विशेष इंतजाम रहेंगे।
आपात स्थिति के लिए परिसर में आधुनिक एम्बुलेंस, दो डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा। सदन के अंदर किसी को भी फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की इजाजत नहीं होगी। नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दर्शकों और स्कूली बच्चों को उपलब्धता के आधार पर एंट्री पास मिलेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मुलाकात प्रतीक्षालय में तय समय पर ही संभव होगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने पहचान पत्र प्रमुखता से दिखाने होंगे।
पास का गलत इस्तेमाल करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रवेश पत्र ऑनलाइन के बजाय हाथ से लिखे जारी होंगे। मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक सचिवों की गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी।
पत्रकारों और कर्मचारियों के लिए अलग पार्किंग निर्धारित की गई है। गाड़ियों पर पार्किंग स्टिकर लगाना अनिवार्य होगा। बैठक में स्वास्थ्य निदेशक डॉ. गोपाल बैरी सहित कई विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।