Bhubaneswar News: नीट पेपर लीक विवाद और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद पद छोड़ने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान सामने आया है। उन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में कहा कि इस मामले में युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश हुई थी, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया।
संबलपुर से सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने जीएम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए इस्तीफे पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों की सुरक्षा और उनकी आकांक्षाएं सर्वोपरि हैं और उनके लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।
ओडिशा में बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध पर साधा निशाना
पूर्व शिक्षा मंत्री को अपने गृह राज्य ओडिशा में भी बीजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रायराखोल में हुई नारेबाजी का जवाब देते हुए प्रधान ने कहा कि वह किसान के बेटे हैं और इन नारों से नहीं डरते, वह बार-बार लोगों के बीच लौटकर आते रहेंगे।
प्रधान ने बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर युवाओं को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नवीन बाबू उन्हें ओडिशा के लिए शर्मिंदगी बताते हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हो। इस दौरान मंच पर बीजेडी के वरिष्ठ नेता प्रसन्ना आचार्य भी मौजूद थे।
छात्रों को गुमराह करने का लगाया फिर से आरोप
इस्तीफे के बाद भी अपने बयान में धर्मेंद्र प्रधान ने जोर देकर कहा था कि जेन जी को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने 20 जुलाई की घटना और देश हित को ध्यान में रखते हुए अपना पद छोड़ दिया था, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।
