Shimla News: हिमाचल प्रदेश के अनुबंध आधार पर नियुक्त पात्र टीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय के आदेश और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत पात्र शिक्षकों को पहली जनवरी 2016 से नियमित होने तक संशोधित वेतनमान का लाभ दिया जाएगा।
उच्च न्यायालय में टीजीटी अनिल कुमार और मोहिंदर सिंह द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला आया है। अदालत के निर्देश पर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रिंसिपलों को अनुबंध अवधि का वेतन नए संशोधित पे स्केल के आधार पर तय करने का आदेश दिया है। इससे शिक्षकों में खुशी की लहर है।
निदेशालय के नए आदेश के अनुसार 2012 से 2019 के बीच अनुबंध पर लगे और 2017 से 2022 के दौरान नियमित हुए टीजीटी शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उनका अनुबंध वेतन संशोधित वेतनमान के न्यूनतम वेतन और ग्रेड पे के 60 प्रतिशत को आधार बनाकर तय किया जाएगा, जिसमें नियमानुसार वेतन वृद्धि भी जोड़ी जाएगी।
यह लाभ अदालत के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा क्योंकि सरकार ने इस निर्णय के खिलाफ एलपीए दायर की है। इसलिए पात्र शिक्षकों से एक लिखित शपथ पत्र भी लिया जाएगा। यदि भविष्य में अदालत का फैसला बदलता है तो अतिरिक्त राशि वापस ली जा सकेगी। अधिकारियों को सभी संबंधित शिक्षकों को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।