Gorakhpur News: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी ने कड़े मुकाबले में 307 मतों से जीत हासिल की है। चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना के अंतिम दौर में धांधली का आरोप लगाते हुए मतपत्रों की फॉरेंसिक जांच कराने और चुनाव आयोग जाने की बात कही है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। करीब 32 घंटे तक चली मैराथन मतगणना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी को बेहद करीबी अंतर से विजयी घोषित किया गया। वहीं, निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
32 घंटे चली मतगणना, 307 वोटों के अंतर से हुआ फैसला
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर मतों की गिनती काफी तनावपूर्ण माहौल में पूरी हुई। मतगणना समाप्त होने पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी को कुल 14,887 वोट मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने कड़े संघर्ष के बाद 14,580 वोट हासिल किए। ध्रुव त्रिपाठी को 307 मतों के अंतर से विजयी घोषित किया गया। इस त्रिकोणीय मुकाबले में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजय त्रिपाठी 9,503 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
चौथे राउंड में हेराफेरी का लगाया आरोप
चुनाव परिणाम आने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए मतगणना में धांधली का दावा किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती तीन राउंड की मतगणना में कुल 42,000 वोटों की गिनती तक वे 376 मतों की बढ़त बनाए हुए थे। उनका आरोप है कि विवाद चौथे और अंतिम राउंड में हुआ, जिसमें केवल 1,612 मतों की गिनती की गई थी। राजीव यादव के अनुसार, इसी अंतिम चरण में सुनियोजित तरीके से मतों में हेरफेर कर परिणाम को प्रभावित किया गया।
फॉरेंसिक जांच की मांग और कानूनी कदम उठाने का ऐलान
राजीव यादव ने आरोप लगाया कि मतपत्रों पर दी गई पहली वरीयता के साथ छेड़छाड़ की गई। उनके अनुसार, उनके नाम के आगे दर्ज नंबर 1 को पेन से बदलकर 4 बना दिया गया और भाजपा प्रत्याशी के नाम के आगे खाली कॉलम में 1 अंक दर्ज कर दिया गया। उन्होंने मांग की है कि अंतिम चरण के 1,612 मतपत्रों की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच और लिखावट (हैंडराइटिंग) का मिलान कराया जाए। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर भारत निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे और साथ ही अदालत में रिट याचिका दायर करेंगे।