अंबाला छावनी में विकास की नई इबारत: 800 करोड़ के 1857 शहीदी स्मारक का उद्घाटन करेंगे अमित शाह, अनिल विज का विजन जमीन पर उतरा

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Haryana News: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के दीर्घकालिक प्रयासों से अंबाला छावनी में 1857 की क्रांति के शहीदों की स्मृति में निर्मित 800 करोड़ रुपये का भव्य स्मारक बनकर तैयार हो गया है। आगामी 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही डोमेस्टिक एयरपोर्ट और सुभाष पार्क जैसी आधारभूत परियोजनाएं अंबाला के विकास को नए आयाम दे रही हैं।

हरियाणा की राजनीति में अंबाला छावनी से विधायक और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री अनिल विज अपनी अनूठी कार्यशैली और दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्थानीय नागरिक समस्याओं के समाधान के साथ-साथ ऐसी बड़ी परियोजनाओं को जमीन पर उतारा है, जो क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रही हैं। इनमें 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का भव्य शहीदी स्मारक, अंबाला डोमेस्टिक एयरपोर्ट और आम जनता के लिए विकसित सुभाष पार्क प्रमुख हैं।

इन सभी परियोजनाओं में सबसे प्रमुख उपलब्धि 1857 की क्रांति के गुमनाम शहीदों को समर्पित स्मारक है। लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से 22 एकड़ में फैले इस ऐतिहासिक स्मारक का लोकार्पण आगामी 5 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन अनिल विज के दशकों पुराने उस ऐतिहासिक संकल्प को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करेगा, जिसके लिए वे कई सरकारों के दौर में लगातार संघर्ष करते रहे।

विधानसभा में वर्षों का संघर्ष और स्मारक का सफर

अंबाला में 1857 के शहीदों की स्मृति में स्मारक निर्माण का विचार अनिल विज के लिए केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि एक मिशन रहा। उनका मानना रहा है कि प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंबाला छावनी की भूमिका अग्रणी थी, जिसे इतिहास में उचित स्थान नहीं मिल सका। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और बंसीलाल के कार्यकाल में भी उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

इसके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान भी यह मांग निरंतर उठाई गई, जिसके बाद वर्ष 2010 में भूमि अधिग्रहण सहित शुरुआती औपचारिकताओं को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, वर्ष 2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद इस परियोजना ने तीव्र गति पकड़ी। अनिल विज ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और तथ्यों के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष इस विषय को रखा। परिणामस्वरूप, जिस स्थान पर पूर्व में तालाब और कचरे का डंपिंग ग्राउंड था, आज वहां 22 एकड़ का अत्याधुनिक स्मारक बनकर तैयार है।

आधुनिक तकनीक और 700 सेनानियों के नाम स्वर्ण अक्षरों में

अनिल विज लगातार यह रेखांकित करते रहे हैं कि 1857 का संग्राम कांग्रेस की स्थापना से 28 वर्ष पूर्व हुआ था, इसलिए स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में शुरुआती क्रांतिकारियों के बलिदान को भी प्रमुख स्थान मिलना चाहिए। इसी दृष्टिकोण से स्मारक परिसर में आधुनिक डिजिटल गैलरी और मल्टीमीडिया माध्यमों से 1857 की क्रांति का प्रदर्शन किया गया है।

परिसर में लगभग 700 स्वतंत्रता सेनानियों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं। यह केंद्र देश भर के शोधार्थियों, विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए 1857 की क्रांति के अध्ययन का बड़ा केंद्र बनेगा।

डोमेस्टिक एयरपोर्ट और सुभाष पार्क से नागरिकों को सीधी राहत

स्मारक के अतिरिक्त अंबाला छावनी में डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जो उद्घाटन के लिए तैयार है। प्रशासनिक और अंतर-विभागीय औपचारिकताओं को गति देकर तैयार कराई गई यह परियोजना क्षेत्र में व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।

वहीं, स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण को ध्यान में रखकर सुभाष पार्क का कायाकल्प किया गया है। पार्क में बुजुर्गों के लिए वॉकवे, बच्चों के खेल क्षेत्र और आधुनिक व्यायाम मशीनों की व्यवस्था की गई है। जमीनी जरूरतों से लेकर राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण तक, ये परियोजनाएं दर्शाती हैं कि स्पष्ट दृष्टिकोण और प्रशासनिक इच्छाशक्ति से किसी क्षेत्र का समग्र कायाकल्प संभव है।

Desh Raj
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