Delhi News: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विदेश मंत्रालय और यूक्रेन-रोमानिया स्थित भारतीय दूतावासों को निर्देश जारी किया है। अदालत ने यूक्रेन के पास ड्रोन हमले का शिकार हुए कार्गो जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों को जल्द खोजने के कदम उठाने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस दुखद घटना और नाविकों की स्थिति को लेकर अलग-अलग तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं।
जहाज पर मौजूद चार भारतीय क्रू मेंबर्स की स्थिति अस्पष्ट
इस व्यापारिक जहाज के कुल नौ क्रू मेंबर्स में से चार भारतीय थे। एक शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार चारों भारतीयों की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरी रिपोर्ट में दो भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाए जाने का दावा किया गया है।
दूसरी जानकारी के मुताबिक बाकी दो भारतीयों को आग से बचने के लिए पानी में कूदना पड़ा था। वे फिलहाल रोमानियाई कोस्ट गार्ड की सुरक्षा और देखरेख में मौजूद हैं। हालांकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा रहा है।
अदालत में सरकार ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि रोमानिया और यूक्रेन में भारतीय दूतावासों के साथ विदेश मंत्रालय भी इन तथ्यों की पूरी जानकारी जुटा रहा है।
सॉलिसिटर जनरल ने शीर्ष अदालत को आश्वस्त किया कि वे जल्द निर्देश लेंगे। उन्होंने मामले की ताजा स्थिति से जल्द से जल्द अवगत कराने की बात कही। पूरी सरकार नाविकों की मदद में जुटी है।
ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ रहे हैं हमले
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच यह इलाका एक प्रमुख समुद्री मोर्चे के रूप में उभरकर सामने आया है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर देश में चिंता बढ़ गई है। उनके सटीक ठिकाने का पता लगाने के लिए अब सरकारी स्तर पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।