संसद में मिलावट पर बड़ा खुलासा: पिछले 5 सालों में देश भर से 1.85 लाख फूड सैंपल पाए गए अनसेफ

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Delhi News: देश में खाने-पीने की चीजों में मिलावट पर संसद में बड़ा खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव के मुताबिक, पिछले पांच वित्तीय वर्षों में जांचे गए 1.85 लाख से ज्यादा फूड सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। यह जानकारी सांसद राजाभाऊ वाजे के सवाल के जवाब में दी गई।

लोकसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, दूध, कुकिंग ऑयल, मसालों, मिठाइयों और मंदिर के प्रसाद में मिलावट की शिकायतें मिली थीं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सरकार ने पांच सालों में 11 हजार से अधिक लाइसेंस रद्द किए हैं। इसके अलावा साढ़े चार हजार से ज्यादा लाइसेंस सस्पेंड भी किए गए हैं।

मिलावटी सैंपल के मामलों में उत्तर प्रदेश लगातार टॉप पर

आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पिछले पांच सालों से मिलावटी सैंपलों के मामले में लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपी में 20,427, राजस्थान में 4,594 और तमिलनाडु में 3,984 सैंपल फेल हुए। वहीं, 2024-25 में यूपी से 16,500 और राजस्थान से 3,788 खराब सैंपल पाए गए थे।

वर्ष 2023-24 में यूपी में 16,183 और 2022-23 में 18,108 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं 2021-22 में यूपी के 13,153 और तमिलनाडु के 3,778 सैंपल फेल हुए थे। इन राज्यों में अधिक सैंपलिंग होने की वजह से अनसेफ मामलों की संख्या भी प्राकृतिक रूप से ज्यादा दर्ज की गई है।

पांच सालों में 11 हजार से ज्यादा लाइसेंस रद्द

नियम तोड़ने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए पांच सालों में कुल 11,493 लाइसेंस रद्द और 4,461 सस्पेंड किए गए। वर्ष 2021-22 में 1,830 और 2024-25 में 1,679 लाइसेंस कैंसिल हुए। साल 2025-26 में सबसे ज्यादा 4,764 लाइसेंस रद्द किए गए, जो गंभीर मामलों में कड़े एक्शन को दर्शाता है।

सरकार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत 98 परसेंट फूड बिजनेस ऑपरेटर्स राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई की मुख्य जिम्मेदारी राज्य सरकारों की ही है। केंद्र सरकार रैपिड किट्स और मोबाइल लैब्स के जरिए राज्यों को तकनीकी मदद और संसाधन मुहैया करा रही है।

तीन सालों में फूड इंस्पेक्शन 46 परसेंट बढ़े

फूड सेफ्टी अथॉरिटी की तरफ से देशभर में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। वर्ष 2023-24 में 3.57 लाख इंस्पेक्शन किए गए थे, जो 2025-26 में बढ़कर 5.20 लाख से अधिक हो गए। पिछले तीन वर्षों में जांच के आंकड़ों में लगभग 46 परसेंट की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए देश भर में 259 NABL अप्रूव्ड लैब्स और 24 रेफरल लैब्स तैनात हैं। इसके अलावा 305 मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ के जरिए काम कर रही हैं। आम लोग ‘मैजिक बॉक्स’ किट और DART बुक की मदद से घर पर भी मिलावट पहचान सकते हैं।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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