Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में तीन दिवसीय सेमीकॉन इंडिया 2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश में सहयोग, निवेश, इनोवेशन और टैलेंट डेवलपमेंट को रफ्तार देना है। इस बड़े आयोजन में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल, 600 एग्जिबिटर और 300 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भाग ले रही हैं।
विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के प्रतीक हैं। इसी पावन दिन पर इस आयोजन का शुरू होना एक सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन निर्माण परंपरा और 21वीं सदी की आधुनिक टेक्नोलॉजी का यह मजबूत मेल ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की वास्तविक ताकत और सबसे बड़ी प्रेरणा है।
वैश्विक मंदी के बीच भारत की मजबूत आर्थिक रफ्तार
प्रधानमंत्री ने बीते पंद्रह दिनों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान आधुनिक तकनीकों पर मंथन हुआ। इसके साथ ही देश में लगभग 3,000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह चालू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कठिन वैश्विक माहौल के बावजूद देश ने 7.8 प्रतिशत की तिमाही जीडीपी विकास दर हासिल की है।
उन्होंने बताया कि जापान की रेटिंग एजेंसी ने 35 साल बाद भारत की सॉवरेन रेटिंग अपग्रेड की है। यह दुनिया के बढ़ते भरोसे को साबित करता है। मोहाली और सूरत के नए सेमीकंडक्टर प्लांटों में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। भारतीय फैक्ट्रियों में बनी चिप्स अब देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर ग्राहकों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाई जा रही हैं।
इंजीनियरिंग छात्रों को चिप निर्माण की विशेष ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में फैबलेस कंपनियों और बौद्धिक संपदा के निर्माण पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सिलिकॉन फोटोनिक्स और कंपाउंड सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्र एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। सरकार ने एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 70 हजार नौजवानों को अब तक प्रशिक्षित किया जा चुका है।