New Delhi News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सॉफ्टवेयर की जानकारी आरटीआई में न देने पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने इसे ‘व्यापार रहस्य’ बताकर साझा करने से इनकार कर दिया। खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग की।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जब इस सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने इसे ‘व्यापार रहस्य’ (ट्रेड सीक्रेट) करार देते हुए विवरण साझा करने से मना कर दिया। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि वोट चोरी से जुड़े मामलों के खुलासे के बावजूद सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है।
यूपी में फॉर्म-6 और मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियों का आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में 16.18 लाख फॉर्म-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
खरगे ने कहा कि स्थिति ऐसी बन गई है कि अब उत्तर प्रदेश में फॉर्म-6, 7 और 8 की विस्तृत जांच के आदेश देने की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इन विसंगतियों पर तत्काल ध्यान देने की बात कही।
सीईसी के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण देने के लिए लाए गए 2023 के कानून को वापस लेने की भी मांग उठाई।
खरगे ने आग्रह किया कि एसआईआर की चल रही प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और कथित रूप से अवैध तरीके से हटाए गए मतदाताओं के नाम सूची में दोबारा बहाल किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने आगामी सभी चुनावों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए कराने की मांग दोहराई।
एक नवंबर को रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली
खरगे ने देश के नागरिकों से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि एक नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च और महारैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की सुरक्षा के लिए इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया।