New Delhi News: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सीमा विवाद पर अहम बातचीत के लिए सोमवार को चीन के दौरे पर जाएंगे। वे मंगलवार को बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री और अपने समकक्ष वांग यी के साथ भारत-चीन विशेष प्रतिनिधि स्तर की 25वें दौर की द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे।
यह महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित हो रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन में भाग लेने भारत आ सकते हैं, जिससे दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच औपचारिक मुलाकात की संभावनाएं बनेंगी।
सीमा विवाद सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधि तंत्र बेहद अहम
भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव घटाने के लिए साल 2003 में विशेष प्रतिनिधि तंत्र स्थापित हुआ था। डोभाल और वांग यी की पिछली बैठक अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई थी। दोनों पक्ष सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए इस वार्ता को उपयोगी मानते हैं।
एलएसी पर अमन-शांति से ही तय होंगे बेहतर रिश्ते
विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में साफ किया है कि सीमा पर अमन और शांति ही दोनों देशों के भावी संबंधों की दिशा तय करेगी। भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नामकरण पर चीन की आपत्ति को खारिज करते हुए उसे अभिन्न अंग बताया है।