Delhi News: भारत में ज्यादातर गृहणियां घर पर ही शुद्ध देसी घी बनाना पसंद करती हैं। रोज के दूध से जमने वाली मलाई से आसानी से शुद्ध और खुशबूदार घी तैयार हो जाता है। हालांकि, बनाते समय कुछ पारंपरिक चीजों को मिलाने से घी का स्वाद और गुणवत्ता दोनों काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं।
घी बनाते समय ताजे नींबू के पत्ते मिलाने के मुख्य फायदे
नींबू के पत्तों में प्राकृतिक एसेंशियल ऑयल होता है, जो घी में एक बेहतरीन खुशबू जोड़ता है। कई बार मलाई को हफ्तों तक फ्रिज में इकट्ठा करने से उसमें हल्की बदबू आने लगती है। घी पकते समय नींबू की ताजी पत्तियां डालने से यह अप्रिय गंध पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, नींबू की पत्तियों में मौजूद प्राकृतिक गुण घी को लंबे समय तक खराब होने से बचाते हैं। इससे घी लंबे समय तक तरोताजा रहता है। हालांकि, इसके वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी बेहतर शेल्फ लाइफ के लिए इसे एयरटाइट कंटेनर में रखना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है।
नींबू के पत्तों के इस्तेमाल से घी का स्वाद भी पहले से काफी ज्यादा निखर कर आता है। पत्तियां मलाई की पुरानी गंध को प्राकृतिक रूप से संतुलित कर देती हैं। इससे घी का स्वाद और सुगंध दोनों ही पहले की तुलना में काफी ज्यादा बेहतर और स्वादिष्ट हो जाते हैं।
मलाई से आधा किलो घी बनाने का सबसे आसान तरीका
इकट्ठी की गई पुरानी मलाई को मिक्सर जार में डालकर बर्फ के टुकड़े और ठंडा पानी मिलाएं। मिक्सर चलाने पर सफेद मक्खन ऊपर आ जाएगा और छाछ नीचे रह जाएगी। मक्खन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि गंध निकल जाए। इसके बाद मक्खन को पकने के लिए गैस पर रखें।
जब मक्खन से घी पकना शुरू हो जाए, उस समय दो से चार साफ नींबू के पत्ते बर्तन में डाल दें। घी को थोड़ी देर अच्छी तरह पकने दें ताकि पत्तों का असर आ जाए। इसके बाद गैस बंद करें और घी को छानकर किसी साफ और सूखे एयरटाइट कंटेनर में भरकर रख लें।