फटे कपड़ों को आकर्षक बनाने का नया ट्रेंड ‘विजिबल मेंडिंग’, पुराने कपड़ों की मरम्मत से बन रहा अनोखा फैशन

Share

- Advertisement -

World News: फटे और पुराने कपड़ों को अब छुपाने के बजाय कलात्मक रूप से उभारने का नया फैशन ट्रेंड ‘विजिबल मेंडिंग’ तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसके तहत कपड़ों के छेदों और खराबी को सुई-धागे या फेल्टिंग से खूबसूरत डिजाइनों में बदलकर नए कपड़ों से भी अधिक कीमत पर पेश किया जा रहा है, जिसे पर्यावरण संरक्षण और फास्ट फैशन के विरोध से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

फैशन की बदलती दुनिया में पुराने और फटे कपड़ों को लेकर सोच पूरी तरह बदल चुकी है। कभी मजबूरी और तंगहाली का संकेत माने जाने वाले पैबंद अब एक अनोखे और महंगे फैशन स्टेटमेंट का रूप ले चुके हैं। हाल के वर्षों में ‘विजिबल मेंडिंग’ तकनीक के जरिए लोग कपड़ों की मरम्मत कर न केवल उन्हें नया जीवन दे रहे हैं, बल्कि इसे एक बड़े कारोबारी ट्रेंड में बदल रहे हैं। अब प्रमुख फैशन ब्रांड भी इस तरह के डिजाइनों को प्राथमिकता देने लगे हैं।

ब्रिटेन की 27 वर्षीय फॉरेस्ट रेंजर एलिस ब्राउन इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं। वह सेकेंड-हैंड दुकानों से फटे और छेद वाले कपड़े खरीदकर उन पर ‘नीडल फेल्टिंग’ तकनीक की मदद से सुंदर वन्यजीवों और जानवरों की कलाकृतियां उकेरती हैं। उनके इस अनूठे हुनर को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया है, जिसके चलते दुनिया भर में विजिबल मेंडिंग की चर्चा बढ़ी है।

क्या है ‘विजिबल मेंडिंग’ और इसका उद्देश्य?

विजिबल मेंडिंग का सीधा अर्थ ऐसी सिलाई और मरम्मत से है, जिसमें कपड़े की कमी या फटे हिस्से को छिपाने की कोशिश नहीं की जाती, बल्कि उसे जानबूझकर ज्यादा आकर्षक और स्पष्ट रूप से दिखाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह ट्रेंड पिछले करीब छह वर्षों से धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और अब वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है।

80 के दशक के बाद फैशन उद्योग में ‘यूज एंड थ्रो’ (फास्ट फैशन) का चलन तेजी से बढ़ा था, जिसने कपड़ों की मरम्मत करने की पुरानी संस्कृति को हाशिए पर धकेल दिया था। हालांकि अब पर्यावरण के प्रति जागरूक युवा पीढ़ी विजिबल मेंडिंग को टेक्सटाइल प्रदूषण, बढ़ते कार्बन उत्सर्जन और कपड़ा मिलों में श्रमिकों की खराब कार्य परिस्थितियों के खिलाफ एक रचनात्मक विरोध के रूप में भी देख रही है।

जापानी ‘बोरो’ और ‘साशिको’ तकनीक का बढ़ता क्रेज

फटे कपड़ों को नया और प्रीमियम लुक देने के लिए अब जापानी पारंपरिक तकनीकों की मांग बढ़ रही है। लोग जापान की ऐतिहासिक ‘बोरो’ और ‘साशिको’ कढ़ाई कला का उपयोग कर रहे हैं। इस शैली में कपड़े के रंग से मेल खाता धागा इस्तेमाल करने के बजाय विपरीत और चटख रंगों या सफेद धागों से अलग-अलग ज्यामितीय डिजाइन बनाए जाते हैं।

इस हस्तकला के जुड़ने के बाद पुराने साधारण कपड़े न केवल दिखने में बेहद आकर्षक हो जाते हैं, बल्कि उनकी कलात्मक वैल्यू बढ़ने से वे बाजार में नए तैयार कपड़ों की तुलना में अधिक दामों पर बिक रहे हैं।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News