Delhi News: भारत अपनी विविधता और ‘अतिथि देवो भव:’ की अनूठी परंपरा के लिए दुनिया भर में मशहूर है। देश में नागरिकों और पर्यटकों को आमतौर पर कहीं भी आने-जाने की पूरी आजादी रहती है। इसके बावजूद देश में कुछ ऐसे पर्यटन स्थल और प्रतिष्ठान हैं, जहां भारतीयों के प्रवेश पर रोक को लेकर समय-समय पर बड़े विवाद सामने आए हैं।
हिमाचल प्रदेश के कसोल में स्थित ‘फ्री कसोल कैफे’ भारतीयों के प्रवेश पर कथित रोक को लेकर काफी चर्चा में रहा है। यह एक इजरायली कैफे है, जहां एक भारतीय महिला को मेन्यू कार्ड देने से मना करने का मामला सामने आया था। इसके उलट साथ में मौजूद विदेशी पर्यटक को वहां पूरी सेवा दी जा रही थी।
गुजरात के अहमदाबाद में स्थित ‘साकुरा रयोकान’ रेस्टोरेंट केवल जापानी नागरिकों को ही सेवाएं देने के लिए जाना जाता है। इस रेस्टोरेंट का संचालन एक भारतीय के हाथ में होने के बाद भी यहां आम भारतीयों की एंट्री बंद रही। रेस्टोरेंट प्रबंधन ने जापानी संस्कृति बनाए रखने और स्टाफ की असहजता को इस पाबंदी की वजह बताया था।
गोवा के कुछ प्रमुख समुद्री तटों पर भी भारतीयों के प्रवेश को रोकने की कोशिशों पर भारी हंगामा हो चुका है। कुछ निजी तटीय इलाकों में केवल विदेशी पर्यटकों को ही आने की इजाजत दी गई। स्थानीय संचालकों ने दावा किया कि विदेशी पर्यटकों की निजता और पश्चिमी पहनावे की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित ‘रेड लॉलीपॉप इन’ हॉस्टल भी अपनी भारतीयों के प्रवेश पर रोक वाली नीति को लेकर विवादों में रहा। यह संस्थान केवल पहली बार भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को ही ठहरने की सुविधा देता है। यहां भारतीय पहचान पत्र धारक घरेलू पर्यटकों को कमरा देने से साफ इनकार किया जाता रहा है।
चेन्नई का ऐतिहासिक ‘ब्रॉडलैंड्स होटल’ भी केवल विदेशी पासपोर्ट धारकों को प्राथमिकता देने की नीति के कारण चर्चा में आया था। कई पुरानी रिपोर्ट्स में यह आरोप लगा कि इस होटल में भारतीयों को कमरा नहीं दिया जाता। हालांकि प्रबंधन ने नो-इंडियन्स नीति को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि वे केवल विदेशी पर्यटकों को प्राथमिकता देते हैं।