Lifestyle Desk: कोई भी मजबूत रिश्ता आपसी प्यार, सम्मान और भरोसे की बुनियाद पर टिका होता है। इनमें से किसी भी पहलू की कमी रिश्ते को बोझिल बना देती है। कई बार लोग अनजाने में ऐसे जहरीले रिश्तों में उलझ जाते हैं, जो उन्हें मानसिक तौर पर पूरी तरह तोड़कर रख देते हैं।
लगातार कमियां निकालना और आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाना
एक स्वस्थ रिश्ते में पार्टनर हमेशा आपकी ताकत बनता है और आपकी कमियों को सुधारने में मदद करता है। इसके विपरीत, अगर साथी केवल आपकी गलतियां गिनाए, पहनावे या सोच का मजाक उड़ाए, तो यह गंभीर समस्या है। किसी भी उपलब्धि को छोटा साबित करने की आदत सीधे तौर पर आपके आत्म-सम्मान को गिराती है।
जरूरत से ज्यादा कंट्रोल और हर बात पर शक करना
शुरुआत में साथी का पजेसिव व्यवहार सुरक्षा का अहसास दे सकता है, लेकिन बाद में यह मानसिक दबाव बन जाता है। हर मुलाकात, फोन कॉल या बाहर जाने पर सफाई मांगना रिश्ते को कमजोर करता है। अगर आपका पार्टनर आपको परिवार और दोस्तों से दूर कर जीवन नियंत्रित करने लगे, तो संभलने का वक्त आ चुका है।
गलतियां थोपना और गैसलाइटिंग का शिकार बनाना
गैसलाइटिंग एक मानसिक चाल है, जिसमें सामने वाला व्यक्ति अपनी गलती मानने के बजाय सारा दोष आप पर मढ़ देता है। जायज विरोध जताने पर आपको ‘नाटक करने वाला’ या ‘ज्यादा सोचने वाला’ कह दिया जाता है। हर विवाद के बाद जब आपको ही बेवजह पछतावा महसूस कराया जाए, तो यह भावनात्मक शोषण का रूप है।
अकेले निभाना और पर्सनल स्पेस का सम्मान न होना
रिश्ते की गाड़ी दोनों पक्षों के बराबर प्रयासों से ही आगे बढ़ती है। जब समझौते, फिक्र और आदर केवल एक तरफ से हो और दूसरा पक्ष लगातार अनदेखा करे, तो ठहराव नामुमकिन है। इसके अलावा किसी की ‘ना’ को न मानना या पर्सनल स्पेस का सम्मान न करना रिश्ते की सीमाएं लांघने जैसा है।