Lucknow News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। सरकार ने शीर्ष अदालत से कहा है कि साल 2020 में नियुक्त हुए 67,867 शिक्षकों की नौकरी प्रभावित नहीं होगी।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष दाखिल जवाब में सरकार ने साफ किया कि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार बनी नई मेरिट लिस्ट में पात्र पाए जाने वाले नए अभ्यर्थियों को खाली पड़े पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। इसके लिए 8,270 अभ्यर्थियों की सूची भी पेश की गई है।
आरक्षण विवाद और हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि 13 अगस्त 2024 के हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक मेधा सूची को दोबारा तैयार कर लिया गया है। यह प्रक्रिया केवल इसी भर्ती तक सीमित रहेगी और इसे भविष्य के किसी मामले में मिसाल नहीं माना जाएगा। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
यह पूरा विवाद 2018 की भर्ती में आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों को सामान्य श्रेणी में जगह न मिलने और नियमों की व्याख्या को लेकर शुरू हुआ था। 13 अगस्त 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरी सूची रद्द कर नई मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों के सुप्रीम कोर्ट जाने पर 9 सितंबर 2024 को नई लिस्ट पर अंतरिम रोक लगा दी गई थी। अब सरकार ने संशोधित सूची तैयार कर कोर्ट को सूचित किया है कि किसी भी कार्यरत शिक्षक को हटाए बिना पात्र नए उम्मीदवारों को खाली पदों पर समायोजित किया जाएगा।