Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में बच्चों को खानपान की गलत आदतों और अधिक चीनी के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शुगर बोर्ड लगाने के आदेश दिए हैं।
स्कूलों में लगने वाले इन शुगर बोर्ड के जरिए विद्यार्थियों को रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों में मौजूद छिपी हुई चीनी की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही ज्यादा चीनी के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों और संतुलित खानपान के महत्व के बारे में बताया जाएगा। सभी स्कूलों को 15 अक्टूबर तक कार्यान्वयन रिपोर्ट भेजनी होगी।
उपायुक्त जतिन लाल ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, समेकित बाल विकास सेवाएं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उच्च व प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशकों और डाइट के प्रधानाचार्य को अपने अधीन आने वाले सभी सरकारी व निजी स्कूलों में प्रमुख स्थानों पर बोर्ड लगवाने को कहा गया है।
इन शुगर बोर्ड पर ऐसे खाद्य और पेय पदार्थों की जानकारी प्रदर्शित होगी, जिनमें चीनी की मात्रा अधिक पाई जाती है। इसके साथ ही बच्चों को अधिक चीनी के सेवन से होने वाले नुकसान और स्वस्थ खानपान के बेहतर विकल्पों से अवगत कराया जाएगा। इस पहल से बच्चों को बचपन से ही सेहतमंद आदतें अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सोमलाल धीमान ने बताया कि जिले के सभी स्कूलों को शुगर बोर्ड लगाने के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में सही पोषण और खानपान के प्रति जागरूकता का स्तर बढ़ाना है।
