Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पिता द्वारा अपनी ही 10 वर्षीय बेटी से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। राज्य महिला आयोग ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। रविवार को आयोग की सदस्य सरोज शर्मा ने पीड़ित बच्ची से उसके गांव जाकर मुलाकात की।
मासूम बच्ची की दर्दभरी दास्तां सुनकर महिला आयोग की सदस्य बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने पीड़ित बच्ची की आंखें नम देखकर उसे ढांढस बंधाया। सरोज शर्मा ने बच्ची को भरोसा दिया कि इस मुश्किल वक्त में राज्य महिला आयोग और कानून पूरी मजबूती के साथ उसके साथ खड़े हैं।
इस पीड़ित बच्ची पर अपने दो छोटे भाइयों की देखभाल की जिम्मेदारी भी आ गई है। भाइयों में एक की उम्र आठ वर्ष और दूसरे की उम्र महज दो वर्ष है। मां के घर छोड़कर जाने के बाद से यह मासूम बच्ची ही इन दोनों छोटे भाइयों को संभाल रही है।
भीषण गर्मी में सर्दियों के कपड़े पहनने को मजबूर मासूम
बच्चों की दादी ने बताया कि उनका बेटा जेसीबी ऑपरेटर था। वह काम के सिलसिले में पश्चिम बंगाल गया था, जहां शादी कर पत्नी को लाया था। घरेलू हिंसा के कारण पत्नी मायके चली गई। निरीक्षण के दौरान सरोज शर्मा यह देखकर दंग रह गईं कि भीषण गर्मी में भी बच्चों ने सर्दियों के मोटे कपड़े पहने थे।
इस गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। बच्चों के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया दादी को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन है। दादी कच्चे मकान में रहती है, जबकि बच्चे पिता के पक्के कमरे में रहते थे। आयोग सदस्य ने ग्रामीणों और प्रधान से बच्चों की मदद की अपील की है।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर सरकारी सहायता दिलाने का प्रयास
महिला आयोग की सदस्य सोमवार को डीसी ऊना और जिला कार्यक्रम अधिकारी से मुलाकात करेंगी। वह बच्चों के संरक्षण, शिक्षा और बेहतर पालन-पोषण के लिए सरकारी मदद सुनिश्चित कराएंगी। उन्होंने कहा कि दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित बच्चों को सुरक्षित भविष्य देना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।