शिमला-मटौर फोरलेन पर घट्टा टोल टैक्स में भारी बढ़ोतरी, 24 घंटे में वापसी का शुल्क तीन गुना बढ़ा, स्थानीय लोगों में रोष

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Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मटौर-शिमला फोरलेन पर स्थित घट्टा-रानीताल टोल प्लाजा की दरों में भारी इजाफा किया है। 1 अक्टूबर से लागू नई व्यवस्था के तहत कार और जीप चालकों को 24 घंटे में वापसी के लिए अब 100 रुपये देने होंगे, जो पहले 35 रुपये था।

स्थानीय वाहन चालकों और आम जनता में इस फैसले को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शिमला-मटौर नेशनल हाईवे-88 पर निर्माण कार्य अभी अधूरा है और यहां बनी नई सुरंगें भी यातायात के लिए नहीं खुली हैं। अधूरे हाईवे पर तीन गुना शुल्क वसूली को लोग अनुचित और गैर-जरूरी आर्थिक बोझ बता रहे हैं।
एनएचएआई के नोटिस के मुताबिक यह टैक्स चैलबहल से भंगवार और भंगवार से कांगड़ा बाइपास तक लागू है। इसमें 13.630 किलोमीटर लंबा फोरलेन और 35.745 किलोमीटर लंबा टू-लेन हिस्सा शामिल है। बिना फास्टटैग के यूपीआई से भुगतान करने पर सवा गुना शुल्क लगेगा। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 1033 जारी किया गया है।

विभिन्न वाहनों के लिए निर्धारित नई टोल टैक्स दरें

कार, जीप और हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का शुल्क 65 रुपये और 24 घंटे में वापसी का 100 रुपये तय है। इनका 50 फेरों वाला मासिक पास 2,210 रुपये का होगा। हल्के कमर्शियल वाहन और मिनी बस के लिए एक तरफ 105 रुपये, वापसी का 160 रुपये और मासिक पास 3,570 रुपये रखा गया है।

दो एक्सल वाली बस या ट्रक के लिए एक तरफ का किराया 225 रुपये और वापसी का 340 रुपये लगेगा। इनका मासिक पास 7,480 रुपये का है। तीन एक्सल वाले कमर्शियल वाहनों के लिए एकल यात्रा 245 रुपये, वापसी 370 रुपये और मासिक पास 8,155 रुपये तय हुआ है। भारी वाहनों की दरें भी काफी बढ़ा दी गई हैं।

चार से छह एक्सल वाले वाहनों के लिए एकल यात्रा 350 रुपये और वापसी 525 रुपये निर्धारित है, जबकि मासिक पास 11,725 रुपये का है। सात या अधिक एक्सल वाले भारी ट्रकों को एक तरफ 430 रुपये और वापसी पर 645 रुपये देने होंगे। इनका 50 फेरों वाला मासिक पास 14,275 रुपये रखा गया है।

स्थानीय निवासियों के लिए मासिक और वार्षिक पास नियम

टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक वाहन स्वामियों के लिए 360 रुपये प्रति माह का पास तय है। साल 2026-27 के लिए यह वार्षिक पास 3,075 रुपये में बनेगा। हालांकि पांच किलोमीटर दायरे के लोगों को पूरी राहत न मिलने से स्थानीय स्तर पर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

कांगड़ा की एसडीएम डॉ. अंजलि गर्ग ने सोशल मीडिया पर बताया कि 5 किलोमीटर दायरे के निवासियों को छूट देने का मामला उच्चाधिकारियों के सामने उठाया गया है। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है। पिछले सप्ताह लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर जाकर बातचीत की थी।

प्रशासन के रुख पर जनता ने कड़े सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासी अंशु जोशी ने कहा कि केवल रानीताल या देहरा जाने वालों पर 65 रुपये का बोझ डालना गलत है। वहीं अभिनव नामक युवक ने इसे खुली डकैती करार देते हुए कहा कि सड़क का छोटा सा हिस्सा इस्तेमाल करने पर 100 रुपये वसूलना न्यायसंगत नहीं है।

Mukesh kumar
Mukesh kumarhttp://Rightnews.in
📰 JOURNALIST | EDITOR | VOICE OF THE GROUND Editor – Right News | 2021–Present Since 2021, working in journalism with a commitment to bringing ground realities, public concerns and important local issues before the people. From civic problems and administrative matters to social issues, development and current affairs, the focus remains on people-centric reporting and responsible journalism. सवाल वही, जो जनता से जुड़े हों। आवाज़ वही, जो ज़मीनी हकीकत सामने लाए। Right News | Journalism with Purpose

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