Una News: देश के तीन स्वीकृत बल्क ड्रग पार्कों में शामिल हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली में निर्माणाधीन पार्क की प्रगति की समीक्षा 28 अक्टूबर को प्रस्तावित पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की बैठक में होगी। इस दौरान राज्य के अधिकारियों को प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, भूमि विकास और जारी निर्माण कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा।
समीक्षा बैठक के दौरान यदि केंद्र सरकार राज्य सरकार के प्रयासों और प्रगति से संतुष्ट होती है, तो इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के लिए अगली बड़ी वित्तीय किस्त जारी करने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल उद्योग विभाग और कार्यान्वयन एजेंसी के अधिकारी पर्यावरणीय मंजूरियों तथा आगामी निर्माण कार्यों की समयसीमा का ब्योरा तैयार कर रहे हैं।
परियोजना स्थल पर अब तक लगभग 261 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे से जुड़े काम पूरे हो चुके हैं या फिर अपने अंतिम चरण में हैं। इनमें 1,400 एकड़ से अधिक प्रस्तावित भूमि का समतलीकरण, उद्योगों के लिए पानी की व्यवस्था हेतु नलकूप और पाइपलाइन बिछाने तथा बिजली के लिए सब-स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन नेटवर्क का निर्माण शामिल है।
केंद्र सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के अंत में मार्च 2023 में राज्य सरकार को पहली किस्त के तौर पर 225 करोड़ रुपये जारी किए थे। साल 2022 में मंजूर इस प्रोजेक्ट को पहले जून 2025 तक पूरा करना था, लेकिन विभिन्न चुनौतियों के चलते अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई है।
<h2>2071 करोड़ के प्रोजेक्ट से 50 हजार करोड़ के निवेश की उम्मीद</h2>
कुल 2,071 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महात्वाकांक्षी परियोजना में केंद्र सरकार 1,000 करोड़ रुपये का योगदान दे रही है। इस बल्क ड्रग पार्क के माध्यम से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने और 15 से 20 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आगामी समीक्षा बैठक केवल निर्माण की रफ्तार जांचने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने और केंद्र से अगली वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। हिमाचल सरकार के सामने अब निर्धारित समय में काम पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी।
