Shimla News: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में 55,103 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और 15,624 करोड़ की किशाऊ परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने सभी केंद्रीय प्रोजेक्ट्स का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान जेपी नड्डा ने 1,540 करोड़ रुपये की चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार से 231 करोड़ रुपये की बकाया हिस्सेदारी जल्द जारी करने की अपील की। इस रेललाइन का निर्माण कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
ऊना जिले में एक हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बल्क ड्रग पार्क के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा बिलासपुर एम्स, चंबा, नाहन, हमीरपुर और पीजीआई ऊना को मिलने वाले बजटीय सहयोग से दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को आधुनिक इलाज मिलेगा।
टोंस नदी पर हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर बनने वाली 15,624 करोड़ रुपये की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना का 90 प्रतिशत वित्तीय भार केंद्र सरकार उठाएगी। इस बहुउद्देश्यीय परियोजना से 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 1,476 एमयू बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा।
भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कीरतपुर-मनाली फोरलेन का पंडोह-टकोली खंड मार्च 2027 तक तैयार हो जाएगा। वहीं परवाणू-सोलन-शिमला फोरलेन, पठानकोट-मंडी और शिमला-मटौर फोरलेन कॉरिडोर पर भी निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
समीक्षा के दौरान चंबा-भरमौर और शिमला-पिंजौर-नालागढ़ मार्ग को सुदृढ़ करने के निर्देश जारी किए गए। कांगड़ा के जसूर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का कार्य युद्धस्तर पर पूरा होगा। विधायक रणधीर शर्मा के आग्रह पर जगातखाना और कलर में फुटब्रिज निर्माण के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
