Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर क्षेत्र की पहाड़ियों में हुई भारी बारिश के कारण मारकंडा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का पानी पास के खेतों तक फैल गया, लेकिन किसी रिहाइशी इलाके में नहीं घुसा। प्रशासन दिनभर हालात पर नजर रखता रहा, जिससे शाम तक जलस्तर घटने लगा।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मुलाना के पास नदी में पानी का बहाव लगभग 28 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। झांसा पहुंचते-पहुंचते यह घटकर 14 हजार क्यूसेक रह गया। रातभर ग्रामीण संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क रहे और कई इलाकों में सुरक्षा के लिए पहरेदारी भी की गई।
अधिकारियों ने लोगों को खेतों की तरफ न जाने और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। यद्यपि खेतों में पानी भर गया, लेकिन झांसा, जलबेहड़ा और नैसी जैसे गांवों में नुकसान नहीं हुआ। जलबेहड़ा स्थित कंट्रोल रूम से नदी के प्रवाह की लगातार निगरानी की जाती रही।
दिनभर मौसम साफ रहने से स्थिति नियंत्रण में रही और शाम ढलते ही पानी का स्तर कम होने लगा। इससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली। दूसरी ओर, यमुना नदी में 80 हजार क्यूसेक पानी आने से कलेसर गांव में कटाव का खतरा काफी बढ़ गया है।