Shimla News: शिमला नगर निगम क्षेत्र में दिवाली पर पटाखों की बिक्री, भंडारण और उपयोग केवल 14 चिन्हित स्थानों पर ही होगा। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने जनसुरक्षा और आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए यह आदेश जारी किए हैं। यह व्यवस्था 4 से 9 नवंबर तक प्रभावी रहेगी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
दिवाली पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए शिमला जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने शिमला नगर निगम क्षेत्र के तहत पटाखों और आतिशबाजी सामग्री की बिक्री, उपयोग, परिवहन तथा भंडारण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के तहत पूरे शहर में पटाखों की बिक्री केवल 14 निर्धारित स्थलों पर ही की जा सकेगी।
जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दिवाली के दौरान भारी मात्रा में पटाखों की खरीद-बिक्री और भंडारण होता है, जिससे आग लगने और विस्फोट जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में आम जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटाखों की बिक्री को खुले और तय स्थानों तक सीमित किया गया है।
इन 14 चयनित स्थानों पर लगेंगे पटाखों के स्टॉल
प्रशासन की ओर से पटाखों की बिक्री के लिए जिन 14 स्थानों को अधिकृत किया गया है, वे इस प्रकार हैं:
- आइस स्केटिंग रिंक शिमला
- पुराना एसपीएम ग्राउंड, इंजन घर (संजौली)
- बालूगंज ग्राउंड (गोपाल मंदिर के सामने)
- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ग्राउंड (समरहिल)
- खलीणी बाईपास (त्रिलोक चंद शॉप के समीप)
- छोटा शिमला से कसुम्पटी की ओर खुला स्थान
- जीएसएसएस फागली के पास ओपन ग्राउंड
- पुलिस हेड क्वार्टर (निगम विहार के समीप)
- पंचायत ग्राउंड (भट्टाकुफर)
- बस स्टैंड सेक्टर-6 (कंगनाधार, न्यू शिमला के समीप)
- विकासनगर पुलिस चौकी के समीप
- रानी ग्राउंड (कसुम्पटी)
- न्यू पार्किंग (टूटू)
- संकटमोचन मंदिर की कार पार्किंग की ऊपरी मंजिल
सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था के कड़े निर्देश
आदेश के अनुसार, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को इन सभी निर्धारित स्थानों पर निशानदेही कर नियमानुसार स्टॉल स्थापित कराने का जिम्मा सौंपा गया है। अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को मौके पर फायर फाइटिंग उपकरण और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं, पुलिस विभाग को रेत की बोरियां, पानी और सुरक्षा के अन्य साधन मुहैया कराने के निर्देश मिले हैं।
जिला दंडाधिकारी ने साफ किया है कि इन निर्धारित स्थलों पर पहले से खड़े सभी वाहनों को हटाना अनिवार्य होगा, ताकि आपात स्थिति में आवाजाही बाधित न हो। नियमों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक शिमला को दी गई है। यह पाबंदी और दिशा-निर्देश 4 नवंबर से 9 नवंबर 2026 तक पूरे नगर निगम क्षेत्र में प्रभावी रहेंगे।