हिमाचल प्रदेश के टोल प्लाजा के पास रहने वालों को बड़ी राहत: 1500 और 3000 रुपये में बनेगा सालाना पास

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए केंद्र सरकार ने सालाना पास की नई सुविधा शुरू कर दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के टोल प्लाजा के लिए 1500 रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 3000 रुपये सालाना शुल्क तय किया गया है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को बार-बार टोल चुकाने से राहत मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले स्थानीय लोगों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिकों के लिए सालाना पास की नई सुविधा 1 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी है। इस नई व्यवस्था से हिमाचल प्रदेश के छह टोल प्लाजा के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिल सकेगा।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए तय किए गए शुल्क

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित टोल प्लाजा के लिए सालाना पास 1500 रुपये में मिलेगा, जबकि नगरपालिका या स्थानीय शहरी निकायों के क्षेत्र में आने वाले टोल प्लाजा के लिए यह शुल्क 3000 रुपये निर्धारित किया गया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन स्थानीय नागरिकों को राहत देना है, जिन्हें अपने रोजमर्रा के कामकाज, नौकरी, कारोबार या अन्य जरूरी कामों के लिए बार-बार अपने नजदीकी टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है। अब ऐसे लोगों के पास 360 रुपये वाले मासिक पास के साथ-साथ सालाना पास का भी विकल्प उपलब्ध होगा, और वे अपनी जरूरत के अनुसार किसी एक का चयन कर सकते हैं।

हिमाचल के इन छह टोल प्लाजा पर लागू होगी सुविधा

प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कुल छह टोल प्लाजा संचालित हैं, जिनके 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं:

  • शिमला-मटौर कॉरिडोर (राष्ट्रीय राजमार्ग-503) पर स्थित घट्टा टोल प्लाजा
  • परवाणू-शिमला कॉरिडोर पर स्थित सनवारा टोल प्लाजा
  • कीरतपुर-मनाली कॉरिडोर पर स्थित मौरा, बलोह, टकोली और डोहलू नाला टोल प्लाजा

पास के लिए पूरी करनी होंगी ये जरूरी शर्तें

इस रियायती सालाना पास का लाभ केवल निजी और गैर-व्यावसायिक वाहनों को ही मिलेगा। इसके लिए वाहन मालिक का निवास संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में होना अनिवार्य है और वाहन पर वैध व चालू फास्टैग लगा होना चाहिए।

यह पास केवल उसी विशेष टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिसके दायरे में वाहन मालिक रहता है, यानी इसके जरिए अन्य टोल प्लाजा से मुफ्त गुजरने की छूट नहीं मिलेगी। इसके अलावा, यदि संबंधित टोल प्लाजा तक पहुंचने के लिए कोई सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है, तो इस रियायती पास का लाभ नहीं दिया जाएगा। बंद उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर भी यह सुविधा लागू नहीं होगी। सालाना पास की दरों में हर साल 1 अप्रैल को संशोधन किया जा सकता है।

3075 रुपये वाला वार्षिक फास्टैग पास भी उपलब्ध

स्थानीय नागरिकों के लिए शुरू किए गए इस विशेष पास के अलावा, एनएचएआई की सामान्य वार्षिक फास्टैग पास सुविधा भी पहले की तरह जारी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस पास की कीमत 3075 रुपये तय की गई है। इसके माध्यम से पात्र निजी गैर-व्यावसायिक कार, जीप और वैन चालक देश भर के एनएचएआई टोल प्लाजा और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे से एक वर्ष में अधिकतम 200 बार गुजर सकते हैं। एक वर्ष की अवधि या 200 फेरे पूरे होने में से जो भी सीमा पहले पूरी होगी, उस पास की वैधता समाप्त हो जाएगी।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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