Shimla News: शिमला नगर निगम करीब एक साल से खाली पड़ी अपनी दुकानों को दोबारा किराये पर देने की तैयारी कर रहा है। निगम प्रशासन अब ऑक्शन के जरिए इन दुकानों की बोली लगाएगा। आजीविका भवन, संजोली, ढली और लक्कड़ बाजार में स्थित दुकानों को क्षेत्रफल के आधार पर किराये पर दिया जाएगा।
निगम प्रशासन का मुख्य उद्देश्य खाली पड़ी परिसंपत्तियों से आय शुरू करना और उनका व्यावसायिक इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। हालांकि, आजीविका भवन में दुकानों की नीलामी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। यहां तिब्बतियन मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों की आवाजाही कम होने से खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
ग्राहकों की भारी कमी के कारण बार-बार ऑक्शन के बावजूद नए कारोबारी इन दुकानों को लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके अलावा पास की सूजी लाइन में व्यावसायिक परिसर के निर्माण के लिए जमीन खाली करने का काम जारी है। इस निर्माण कार्य की वजह से क्षेत्र में लोगों का आना-जाना और कम हो गया है।
निगम का मानना है कि भविष्य में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनने के बाद क्षेत्र की स्थिति सुधरेगी और व्यापार बढ़ेगा। इसके विपरीत स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने में सालों लग सकते हैं। ऐसे में अनिश्चित भविष्य के भरोसे वर्तमान खर्चों का बोझ उठाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है।
नगर निगम अब कम किराये के लुभावने ऑफर के साथ आजीविका भवन समेत अन्य दुकानों की नीलामी करने की योजना बना रहा है। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि इस रियायत के बाद नए व्यापारी बोली में भाग लेंगे। अब देखना होगा कि इस बार कितनी दुकानें किराये पर चढ़ पाती हैं।