पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, नारला पुल की अप्रोच रोड में दरारें आने से हड़कंप

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Mandi News: पठानकोट-मंडी फोरलेन के पद्धर-बिजणी खंड पर चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जनसुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नारला पुल की अप्रोच रोड में दरारें आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी चिंतित हैं।

इस मामले पर नारला-बिजणी फोरलेन संघर्ष समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 30 अक्टूबर तक कमियों को दूर कर नुकसान की भरपाई नहीं हुई, तो प्रभावित लोग और जनप्रतिनिधि बड़े आंदोलन के लिए पूरी तरह मजबूर होंगे।

फोरलेन समन्वय समिति के प्रधान चिंत राम ठाकुर की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने नारला पुल का मौका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुल की अप्रोच रोड पर बड़ी-बड़ी दरारें पाई गईं। समिति ने इसे बड़े हादसे की आशंका बताते हुए गंभीर जनसुरक्षा का मामला करार दिया है।

समिति ने परियोजना की निगरानी करने वाली एजेंसी सेप्टागन एशिया लिमिटेड की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इसका कोई निरीक्षण किया गया है और इन खामियों को तुरंत दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

नवनिर्मित हाईवे के लगभग आठ किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड क्षेत्र में बारिश के बाद अचानक नए जलस्रोत फूटने से लोग चिंतित हैं। समिति ने सवाल उठाया कि निर्माण से पहले प्राकृतिक जलस्रोतों और पानी की सही निकासी का वैज्ञानिक आकलन किया गया था या नहीं।

इस मामले पर एनएचएआई के अधिकारियों ने अपनी स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने बताया कि समस्या के समाधान और उचित जल निकासी के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल स्थानीय लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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