Ranchi News: झारखंड में शिक्षा की पहुंच में सुधार हुआ है। इसके बावजूद छह वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला आबादी के स्कूल जाने में राज्य राष्ट्रीय औसत से पीछे है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 यानी एनएफएचएस-6 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड की केवल 68 फीसदी महिलाएं ही कभी स्कूल जा पाई हैं।
इस सूची में झारखंड देश भर में 32वें स्थान पर है। राज्य से पीछे केवल बिहार है, जहां आंकड़ा 64.1 फीसदी है। भारत का राष्ट्रीय औसत 73.7 फीसदी दर्ज किया गया है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि झारखंड में महिलाओं तक शिक्षा पहुंचाने के लिए अभी और बड़े प्रयासों की जरूरत बनी हुई है।
पिछली रिपोर्ट यानी एनएफएचएस-5 (2019-21) में झारखंड का आंकड़ा 64.5 फीसदी था। इस बार इसमें 3.5 प्रतिशत अंक का सुधार देखा गया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी महिला साक्षरता 71.8 फीसदी से बढ़कर 73.7 फीसदी पहुंच गई है। हालांकि, सुधार के बावजूद झारखंड राष्ट्रीय औसत से 5.7 प्रतिशत अंक पीछे चल रहा है।
राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बड़ा अंतर नजर आया है। शहरी क्षेत्रों में छह साल या उससे अधिक उम्र की 82.4 फीसदी महिलाएं कभी न कभी स्कूल गई हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा सिर्फ 64.2 फीसदी है। दोनों क्षेत्रों के बीच 18.2 प्रतिशत अंक का भारी अंतर दर्ज किया गया है।
देश भर में 96.6 फीसदी के साथ केरल सबसे आगे बना हुआ है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में 83.3 फीसदी और हरियाणा में 76.1 फीसदी महिलाएं स्कूल गई हैं। ये राज्य राष्ट्रीय औसत 73.7 फीसदी से काफी आगे हैं। हालांकि झारखंड का प्रदर्शन पड़ोसी राज्य बिहार से बेहतर रहा है, जहां यह आंकड़ा 64.1 फीसदी है।
इस सर्वेक्षण में छह वर्ष की आयु के बाद स्कूल जाने वाली महिलाओं को शामिल किया गया है। आंकड़ों से साफ है कि ग्रामीण इलाकों में शैक्षणिक सुविधाओं और पहुंच को बेहतर बनाने की सख्त जरूरत है। झारखंड को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचने के लिए अभी एक लंबी दूरी तय करनी होगी।
