Shimla News: दिल्ली में नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अब हिमाचल प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। इस घटना के विरोध में बुधवार को शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय का घेराव करके केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नीट पेपर लीक पर आमने-सामने आए कांग्रेस और बीजेपी
शिमला में प्रदर्शन के दौरान लगभग एक घंटे तक कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने रहे और एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब छात्रों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो केंद्र सरकार ने उन पर लाठियां चलाईं। कांग्रेस छात्रों के समर्थन में खड़ी है और इस प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार को चेताया गया है कि वह छात्रों को जल्द न्याय दे। पार्टी ने मांग की है कि पेपर लीक माफिया को तुरंत जेल के पीछे भेजा जाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अब पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है। सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करवा रही है, जो कि बेहद निंदनीय है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने कांग्रेस के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से चारों तरफ अराजकता का माहौल बन चुका है। सरकार के संरक्षण में ही कानून को हाथ में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला में भाजपा कार्यालय के घेराव का पार्टी ने उसी भाषा में मुंहतोड़ जवाब दिया है और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।