Shimla News: हिमाचल प्रदेश के रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता नंद लाल का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 72 वर्षीय नेता ने शिमला के चमियाणा स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से रामपुर विधानसभा सीट खाली हो गई है, जिस पर दिसंबर 2027 के मुख्य चुनाव से पहले उपचुनाव कराया जाएगा। इस रिक्ति के बाद 68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 39 रह गई है।
एसपीजी कमांडो से लेकर राजनीति तक का सफर
शिमला जिले के रामपुर बुशहर के देवठी गांव में जन्मे नंद लाल ने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद वर्ष 1980 में वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में भर्ती हुए और 1990 के दशक में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में सेवाएं दीं। एसपीजी कमांडो के रूप में उन्होंने प्रधानमंत्री व पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा संभाली तथा वह कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की सुरक्षा टीम का भी अहम हिस्सा रहे थे। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी नवाजा गया था।
वीरभद्र सिंह के करीबी और राजनीतिक सफर
वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखने वाले नंद लाल ने कांग्रेस के टिकट पर रामपुर सुरक्षित सीट से पहली जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज की। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाने वाले नंद लाल वर्ष 2013 में मुख्य संसदीय सचिव (CPS) भी रहे थे। मार्च 2024 में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देते हुए सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उनके निधन पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रतिभा सिंह, विक्रमादित्य सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।