हिमाचल प्रदेश के नादौन में 126 सालों से जारी है ऐतिहासिक रामलीला की समृद्ध परंपरा

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Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले स्थित नादौन शहर में 126 वर्षों से श्रीरामलीला का आयोजन धूमधाम से हो रहा है। पहले नवरात्र से शुरू होने वाले इस सांस्कृतिक मंचन को नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत मानकर बखूबी निभा रही है। इसमें 40 से अधिक स्थानीय कलाकार पूरी निष्ठा से अभिनय कर रहे हैं।

प्रतिदिन शाम पांच बजे शुरू होने वाले इस मंचन में कलाकार विशेष धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। हनुमान जी का अभिनय करने वाले मोटर मैकेनिक अंतरिक्ष डोगरा 11 दिनों तक नंगे पैर रहते हैं। वह दुकान हो या घर, हर जगह पूरी श्रद्धा के साथ नंगे पांव ही काम करते हैं।

वहीं एडवोकेट मुकुंद शर्मा पिछले 16 वर्षों से कमेटी से जुड़े हैं और इस बार भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। वह दिन में अदालत का काम निपटाते हैं और दोपहर बाद पंडाल पहुंचते हैं। मुकुंद बताते हैं कि वे 11 दिनों तक व्रत रखकर केवल फलाहार करते हैं और जमीन पर ही सोते हैं।

लक्ष्मण का अभिनय करने वाले अजय शर्मा नादौन में मोबाइल की दुकान चलाते हैं। वे भी 16 सालों से रामलीला से जुड़े हैं और 11 दिन का व्रत रखते हैं। उनका कहना है कि मंच पर पहुंचते ही उन्हें एक अलग आत्मिक अनुभूति और सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है।

<h2>व्यापारी और पेशेवर कलाकार निभा रहे विभिन्न धार्मिक पात्र</h2>

रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाने वाले संजीव भाटिया पिछले 12 वर्षों से लंकापति रावण का किरदार निभा रहे हैं। संजीव बताते हैं कि भले ही वे राक्षसी भूमिका में हों, लेकिन उन्होंने निजी जीवन में कभी शराब का सेवन नहीं किया है। वे रोजाना दोपहर बाद दुकान से सीधे मंचन स्थल पहुंचते हैं।

कमेटी अध्यक्ष शम्मी सोनी ने बताया कि पत्तन बाजार में बुजुर्गों ने करीब 126 वर्ष पूर्व इसकी नींव रखी थी। 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में सोमवार को लक्ष्मण मूर्छित होने और हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने के प्रसंग का जीवंत और मनमोहक मंचन किया गया।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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