Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी में बीबीएमबी प्रबंधन पहली बार पंडोह डैम से देहरा तक ब्यास नदी से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के लिए विशेष योजना बना रहा है। इसके तहत डैम ब्रेक एनालिसिस और इमरजेंसी एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इस कदम से आपदा के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण योजना को आईआईटी रुड़की के आईसीईडी सेंटर के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के 135 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को तीन मुख्य जोन में बांटा जाएगा। नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षा के लिहाज से ग्रीन, ब्लू और रेड जोन में चिन्हित किया जाएगा।
अलग-अलग श्रेणियों के तहत ग्रीन जोन में सामान्य जलस्तर वाले क्षेत्र शामिल होंगे। वहीं ब्लू जोन में पानी अधिक छोड़ने पर खतरे वाली जगहें आएंगी। अत्यधिक पानी छोड़ने या क्लाउड बर्स्ट की स्थिति में प्रभावित होने वाले संवेदनशील क्षेत्रों को रेड जोन में रखा जाएगा। इससे आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य संभव हो सकेगा।
बीबीएमबी पंडोह के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता ई. चंद्रमणी शर्मा ने कहा कि लोगों और संपत्तियों के चिंकीकरण से आपात स्थिति में तुरंत सूचना दी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि पानी छोड़ने से पहले तीनों जिला प्रशासनों को जानकारी दी जाती है। अब प्रभावितों को चिन्हित कर उन्हें समय रहते सुरक्षित निकालना और आसान हो जाएगा।
प्रबंधन सभी प्रभावितों के मोबाइल नंबर जुटाकर एक बड़ा डाटा तैयार करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य संकट के समय सीधे मैसेज भेजकर लोगों को तुरंत सतर्क करना है। यह पूरी प्रपोजल तीन चरणों में तैयार हो रही है। पहला भाग पूरा हो चुका है और ड्राफ्ट रिपोर्ट अगले 6 महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाएगी।