Mandi News: हिमाचल के मंडी जिले की कोटली तहसील में रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। सेहली गांव में बिस्तर पर सो रहे दो सगे छोटे भाई-बहन की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान नौ साल की काव्या और छह साल के नक्श के रूप में हुई है।
दोनों बच्चे अपने माता-पिता महेंद्र कुमार और जयवंती के साथ कमरे में सो रहे थे। शुक्रवार रात खाना खाकर बच्चे बेड पर सो गए, जबकि माता-पिता नीचे जमीन पर थे। देर रात करीब ढाई बजे काव्या पेट दर्द से रोने लगी। इसके तुरंत बाद उसके छोटे भाई नक्श ने भी पेट दर्द की शिकायत की।
अपच समझकर करते रहे सिकाई, बाद में दिखा काला सांप
माता-पिता ने शुरुआत में पेट दर्द को बदहजमी समझा और गर्म पानी की थैली से सिकाई करने लगे। करीब आधे घंटे बाद दोनों बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं और वे तड़पने लगे। तभी परिजनों की नजर दरवाजे के पीछे घूम रहे एक बड़े काले सांप पर पड़ी, जिससे उनके होश उड़ गए।
परिजन आनन-फानन में दोनों बच्चों को लेकर जोनल अस्पताल मंडी पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां चिकित्सकों ने दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है।
घाटी में बढ़ रहे मामले, बरतें जरूरी सावधानियां
क्षेत्र में लगातार सांप काटने के केस सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले गोहर के छपराह में आठ साल के बच्चे की मौत हुई थी। इसके अलावा अगस्त महीने में गोहर और नेला वार्ड में दो महिलाओं की जान जा चुकी है। बरसात और उमस के मौसम में अब तक 15 मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। घास में जाने से पहले बड़े जूते पहनें और रात को घरों के दरवाजे व खिड़कियां बंद रखें। सांप काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद किए बिना मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं, ताकि समय पर एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया जा सके।